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अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर विधिक जागरूकता के साथ वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य की भी हुई चिंता

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Oct 1, 2026
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सरायकेला-खरसावां, 01 अक्टूबर 2026:

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस (International Day of Older Persons) के अवसर पर माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली एवं माननीय झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA), रांची के निर्देश के अनुपालन में तथा श्री रामाशंकर सिंह, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां द्वारा दिनांक 01 अक्टूबर 2026 को वृद्धाश्रम, सरायकेला में विधिक जागरूकता-सह-चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया गया।

 

कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों, कानूनी संरक्षण, उपलब्ध विधिक उपचार एवं निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जागरूक करना तथा साथ ही उनके स्वास्थ्य की जांच एवं आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना था।

 

NALSA (Legal Services to Senior Citizens) Scheme, 2016 की दी गई विस्तृत जानकारी

 

विधिक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान श्री तौसीफ मेराज, माननीय सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां ने वृद्धाश्रम के निवासियों को संबोधित किया। उन्होंने विशेष रूप से NALSA (Legal Services to Senior Citizens) Scheme, 2016 के प्रावधानों एवं उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

 

उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को बताया कि विधिक सेवा संस्थाओं के माध्यम से उन्हें आवश्यकतानुसार निःशुल्क विधिक सलाह, सहायता एवं अन्य विधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को किसी भी कानूनी समस्या, अधिकारों के संरक्षण, संपत्ति संबंधी विवाद, भरण-पोषण अथवा अन्य विधिक आवश्यकता की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करने के लिए जागरूक किया।

 

धारा 23 पर विशेष रूप से किया गया जागरूक

 

श्री तौसीफ मेराज ने Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 की धारा 23 के प्रावधानों को भी विस्तारपूर्वक समझाया।

 

उन्होंने बताया कि यदि कोई वरिष्ठ नागरिक अपनी संपत्ति का हस्तांतरण इस शर्त के साथ करता है कि हस्तांतरण प्राप्त करने वाला व्यक्ति उसे आवश्यक मूलभूत सुविधाएं एवं भौतिक आवश्यकताएं उपलब्ध कराएगा, लेकिन बाद में वह व्यक्ति ऐसी आवश्यकताओं की पूर्ति करने से इनकार करता है अथवा अपने दायित्व का निर्वहन करने में विफल रहता है, तो कानून में निर्धारित परिस्थितियों एवं प्रक्रिया के अनुसार ऐसे हस्तांतरण को शून्य घोषित किए जाने की व्यवस्था है।

 

उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों एवं लेन-देन के कानूनी प्रभाव को समझने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सलाह दी कि अपनी संपत्ति के संबंध में कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने अथवा संपत्ति का हस्तांतरण करने से पूर्व उचित विधिक सलाह अवश्य प्राप्त करें, विशेषकर तब जब ऐसा हस्तांतरण उनके भरण-पोषण एवं कल्याण से जुड़ा हो।

 

श्री मेराज ने यह भी कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए और किसी भी प्रकार की कानूनी कठिनाई उत्पन्न होने पर विधिक सेवा संस्थाओं की सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।

 

मुख्य एलएडीसी ने भी दी विधिक सहायता की जानकारी

 

कार्यक्रम में श्री दिलीप कुमार शॉ, माननीय मुख्य एलएडीसी, सरायकेला भी उपस्थित रहे। उन्होंने वृद्धाश्रम के निवासियों को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध विधिक सहायता एवं सेवाओं के बारे में जानकारी दी तथा उन्हें अपनी कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए DLSA से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया।

 

विधिक जागरूकता के साथ स्वास्थ्य जांच शिविर भी आयोजित

 

विधिक जागरूकता कार्यक्रम के साथ-साथ वृद्धाश्रम के वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिकित्सा जांच शिविर भी आयोजित किया गया।

 

चिकित्सा दल में डॉ. विशाल कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी, सरायकेला; श्रीमती शोभा रानी महतो, CHO, सरायकेला; डॉ. आयुष बांका, हड्डी रोग चिकित्सक; डॉ. शालिनी कुमारी, मनोचिकित्सक, सहित अन्य चिकित्सा कर्मी उपस्थित रहे और वृद्धाश्रम के निवासियों को आवश्यक चिकित्सा सेवाएं एवं सहयोग प्रदान किया।

 

चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों द्वारा वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के संबंध में आवश्यक परामर्श एवं चिकित्सकीय मार्गदर्शन प्रदान किया गया। विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति से वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य स्वास्थ्य के साथ-साथ हड्डी एवं जोड़ संबंधी तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर भी आवश्यक परामर्श प्राप्त हुआ।

 

यह कार्यक्रम विधिक सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सेवा के समन्वय का एक महत्वपूर्ण उदाहरण रहा। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित इस शिविर के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को जहां उनके कानूनी अधिकारों एवं संरक्षणात्मक प्रावधानों के प्रति जागरूक किया गया, वहीं उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।

 

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा, सुरक्षा, देखभाल, विधिक संरक्षण एवं न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों की रक्षा एवं आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सदैव तत्पर है।


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