
हजारीबाग जिले के मुफसिल थाना क्षेत्र में स्थित डेंटल कॉलेज के स्टोर कीपर सह सुपरवाइजर विकास कुमार सिंह की सनसनीखेज हत्या के मामले का पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। यह जघन्य हत्याकांड किसी रंजिश या लूटपाट के तहत नहीं, बल्कि प्रेम प्रसंग के विवाद के कारण अंजाम दिया गया था। सदर एसडीपीओ रुपेश कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तकनीकी और परिदृश्य साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी पवन कुमार दास को दबोच लिया है।
क्या था पूरा मामला?

बीते 19 जुलाई 2026 को मुफसिल थाना में एक लिखित सूचना दर्ज कराई गई थी। सूचना के अनुसार, डेंटल कॉलेज हजारीबाग में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत विकास कुमार सिंह (पिता- स्व. रविन्द्र सिंह) की किन्हीं अज्ञात या संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा हत्या कर दी गई है। इस संबंध में मुफसिल थाना कांड संख्या 117/26, दिनांक 19.07.2026, धारा 103(1)/3(5) बी.एन.एस. के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामला प्रकाश में आते ही हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया। उनके निर्देशानुसार सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल (एसआईटी) का गठन किया गया, जिसमें मुफसिल थाना प्रभारी पुअनि मुकेश कुमार सिंह और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

*खौफनाक साजिश का हुआ खुलासा*
पुलिस द्वारा गठित विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान और मानवीय खुफिया तंत्र का इस्तेमाल करते हुए मुख्य प्राथमिकी आरोपी पवन कुमार दास को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने जो खुलासे किए, उसने सुनने वालों को भी झकझोर कर रख दिया। आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि मृतक विकास कुमार सिंह और वह दोनों एक ही लड़की से प्रेम करते थे। जब इस बात की जानकारी पवन दास को हुई, तो उसने विकास को अपने रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची।
योजना के तहत, 18 जुलाई 2026 की देर रात्रि आरोपी पवन दास ने विकास कुमार सिंह को अत्यधिक मात्रा में शराब पिलाई। जब विकास नशे में पूरी तरह सुध-बुध खो बैठा और गहरी नींद की अवस्था में था, तब शातिर आरोपी ने उसे जमीन पर मुंह के बल पटक दिया। इसके बाद लात-घूंसों से उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या को अंजाम देते वक्त आरोपी को इस बात की पूरी जानकारी थी कि मृतक विकास कुमार सिंह के सीने में मेडिकल मशीन (पेसमेकर) लगी हुई है, जिसका उसने फायदा उठाया और उसे मौत के घाट उतार दिया।
*आरोपी की पहचान और बरामदगी*
गिरफ्तार आरोपी पवन कुमार दास (उम्र करीब 35 वर्ष) पिता- सहदेव दास, सिहोडिह, थाना- मुफसिल, जिला गिरिडीह का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसकी कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने वाली छापामारी दल में मुफसिल थाना प्रभारी मुकेश कुमार सिंह, एसआई जितेन्द्र भगत, अनुसंधानकर्ता सिद्धनाथ कुमार, एसआई सत्यम और मुफसिल थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस की इस त्वरित, सराहनीय और तकनीकी कार्रवाई से एक बार फिर अपराधियों में कानून का खौफ साफ नजर आया है। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले के अन्य पहलुओं की गहराई से छानबीन जारी है।
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