

केन्दुआ:-जिले के उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक के कोयला तस्करी के रोकथाम के सख्त आदेश का अवहेलना कर, नगर निगम चुनाव शांति पूर्ण तरिके से करने में व्यस्थता का लाभ उठाते हुए गोन्दुडीह ओपी को गुमराह कर क्षेत्र में सक्रिय चर्चित कोयला तस्करों के द्वारा धोबी कुली के बगल स्थित नदी पर सिमेंट का पाइप डालकर सड़क बना कर प्रतिदिन 25 से 30 हाइवा राष्ट्रीय संपति अवैध कोयला इष्ट बसेरिया ओपी क्षेत्र के रेगुनी बस्ती मल्लाह चौक होकर टपाया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार बताया जाता है कि प्रति हाइवा 2500/- रकम लेकर बस्ती के रास्ते से पार कराये जाते है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि आउटसोर्सिंग कंपनी के खन्नन के कारण जमीनी स्तर पर पानी काफी निचे चले जाने से कुंआ,चापानल, सूख गए हैं। तालाब में दरार पड़ने से तालाब का अस्थित्व खत्म हो गया है। क्षेत्र में एकमात्र जलस्रोत कतरी नदी बची हुई है, उसे भी अतिक्रमण कर अवैध पुलिया बनाकर अवरूद्ध कर दिया गया है।
इससे आसपास के बस्ती और कालोनियों के वासी दूरदराज़ से पानी लाकर अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को मुश्किल से पूरा करते हैं। ग्रामीण कहते हैं कि बीसीसीएल प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी के सौतेला व्यवहार से वर्षों से अपनी जमीन के मालिक होते हुए भी शरणार्थियों के तरह जीवनयापन करने को मजबूर हैं।
यहां के जनप्रतिनिधि और नेता केवल चुनाव के समय ही बड़े बड़े वादा कर, चुनाव जीतने के बाद पांच साल तक नजर नहीं आते हैं। वही नाम न छापने के शर्त पर बीसीसीएल के अधिकारी ने बताया कि गोन्दुडीह परियोजना से कोयला ट्रांसपोर्टीग के लिए बीसीसीएल करोड़ों रूपया खर्च कर गोन्दुडीह से रेगुनी बस्ती होतें मुख्य सड़क तक पीसीसी सड़क बनाया गया था। लेकिन रेगुनी बस्ती के ग्रामीणों के विरोध के कारण ट्रांसपोर्टीग नहीं चलने दिया गया।
वही रात्रि में अवैध कोयला तस्करी धड़ल्ले से जारी है। अधिकारी ने बताया कि अपने आंखों से कोयला तस्करी होते हुए देखकर भी अनदेखी करना पड़ता है नही तो जानलेवा हमला या झूठे केस मामले में फंसाया जा सकता है इस बात की जानकारी बीसीसीएल के बड़े अधिकारियों को भी है
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