
पटना के गर्दनीबाग में बीते 22 अगस्त से जारी अनिश्चितकालीन अनशन आखिरकार 11वें दिन सफलतापूर्वक समाप्त हो गया। अमर स्वतंत्रता सेनानी शहीद रामफल मंडल को आधिकारिक तौर पर शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर युवा अनशनकारी—आदित्य मंडल, जुगनू मंडल, मुरारी मंडल और राजेश मंडल—कड़ाके के संघर्ष के साथ भूख हड़ताल पर बैठे थे। इस आंदोलन को राज्य भर के विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संगठनों का व्यापक समर्थन हासिल हुआ, जिससे यह जन-आंदोलन का रूप ले चुका था।
आंदोलन के लगातार बढ़ते दबाव और युवाओं के दृढ़ संकल्प के आगे झुकते हुए बिहार सरकार ने मांगें स्वीकार कर ली हैं। इस संबंध में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि शहीद रामफल मंडल को शहीद का आधिकारिक दर्जा देते हुए उनके शहादत दिवस को अब से प्रत्येक वर्ष राज्य सरकार द्वारा राजकीय स्तर पर सम्मानपूर्वक मनाया जाएगा। सरकार के इस सकारात्मक और ऐतिहासिक फैसले की जानकारी मिलते ही धरना स्थल पर खुशी की लहर दौड़ गई। इसके बाद अनशन पर बैठे युवाओं को जूस पिलाकर 11 दिनों से चला आ रहा यह अनशन विधिवत समाप्त कराया गया।

इस अनशन की सफलता पर अखिल भारतीय धनुवंशी सेवा संघ ने अनशनकारी युवाओं—आदित्य मंडल, जुगनू मंडल, मुरारी मंडल और राजेश मंडल—का विशेष आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है। संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि इन चारों युवाओं का यह त्याग, निस्वार्थ संघर्ष और ऐतिहासिक पहल हमेशा याद रखी जाएगी। उनका यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा और इतिहास में उनका नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा।

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