
भारतीय एजेंसियां और SSB
पड़ोसी देश नेपाल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं। इस प्राकृतिक आपदा और मानवीय संकट के समय में भारत ने एक बार फिर एक सच्चे और भरोसेमंद मित्र की भूमिका निभाते हुए राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।

नेपाल के सीमावर्ती और दूरदराज के प्रभावित इलाकों में भारतीय आपदा प्रबंधन एजेंसियां और सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) की टुकड़ियां पूरी तत्परता के साथ नेपाल सरकार की मदद में जुटी हुई हैं। भारतीय एजेंसियां बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, मलबे में दबे लोगों की तलाश करने और घायलों को त्वरित प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने का कार्य कर रही हैं।

इसके साथ ही, भारत की ओर से राहत सामग्री का एक बड़ा जत्था नेपाल भेजा गया है। इसमें तैयार खाद्य सामग्री, पीने का स्वच्छ पानी, त्रिपाल, आवश्यक दवाएं, कंबल और स्वच्छता किट शामिल हैं। जलभराव के कारण कटे क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल टीमें और नावों के जरिए सहायता पहुंचाई जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में एसएसबी के जवान स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत शिविर चलाने और यातायात सुगम बनाने में भी मदद कर रहे हैं।
नेपाल के साथ भारत के सदियों पुराने गहरे सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंध हैं।
‘नेबरहुड फर्स्ट’ (पड़ोसी प्रथम) की नीति के तहत भारत ने हमेशा से अपने पड़ोसियों पर आई आपदाओं के समय सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाया है। नेपाल में जारी इस संकट की स्थिति में भारतीय एजेंसियों का यह त्वरित सहयोग और राहत अभियान न केवल जिंदगियों को बचाने में अहम साबित हो रहा है, बल्कि दोनों देशों के बीच बने प्रगाढ़ और अटूट रिश्तों को भी नई मजबूती प्रदान कर रहा है।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
