
बलियापुर। भ्रष्टाचार, घूसखोरी और सरकारी योजनाओं में हो रही धांधली के खिलाफ आज सोमवार से भाकपा माले (बलियापुर अंचल एवं प्रखंड कमेटी) की ओर से प्रखंड कार्यालय के समक्ष जोरदार तरीके से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की शुरुआत की गई। इस आंदोलन का शंखनाद मुख्य अतिथि सह सिंदरी के पूर्व विधायक कॉमरेड आनंद महतो की उपस्थिति में हुआ।धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक कॉमरेड आनंद महतो ने कहा कि देश और समाज में अन्याय, अत्याचार और भ्रष्टाचार तेजी से बढ़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा:”आम जनता की लड़ाई और संघर्ष में सिर्फ लाल झंडा और भाकपा माले ही हमेशा साथ खड़ा रहा है और रहेगा। जब तक लाल झंडा मजबूत नहीं होगा, तब तक निचले वर्ग, दबे-कुचले, पीड़ित लाभुक और आम जनता मजबूत नहीं हो पाएंगे। भ्रष्टाचार और घूसखोरी में लिप्त अधिकारियों को अब मनमानी करने की छूट नहीं दी जाएगी।”दलाली और झूठे मुकदमों के खिलाफ चेतावनी
धरना के दौरान वक्ताओं ने सरकारी दफ्तरों में व्याप्त बिचौलिया संस्कृति पर कड़ा प्रहार किया। नेताओं ने कहा कि जब भी कोई सीधा-साधा गरीब किसी सरकारी अधिकारी के पास जाता है, तो उसे योजनाओं का लाभ देने के बजाय दिगभ्रमित और विचलित कर भटका दिया जाता है। यदि कोई जानकार व्यक्ति या पार्टी प्रतिनिधि पीड़ित की मदद के लिए जाता है, तो भ्रष्ट अधिकारी उन्हें डराने के लिए झूठे केस-मुकदमों की धमकी देते हैं। भाकपा माले न तो केस से डरती है, और न ही सत्ता और पावर से। पार्टी का जन्म ही संघर्ष से हुआ है और इसका एक-एक कार्यकर्ता जनता के अधिकारों के लिए शहीद होने को तैयार है।

*मंच पर पहुंचा पीड़ित, खोली घूसखोरी की पोल*

आंदोलन के पहले ही दिन सिंदूरपुर पंचायत के खैरवानी गांव से पहुंचे एक पीड़ित लाभुक श्रीकांत सोरेन ने मंच से अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि वह एक सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए ₹11,000 की घूस देकर भी परेशान हो चुके हैं। पीड़ित ने कहा कि आज इस आंदोलन को देखकर उन्हें हौसला मिला है और वह भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ भाकपा माले के इस संघर्ष में पूरी तरह साथ हैं।सैकड़ों कार्यकर्ताओं और नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति आज के इस धरने में बलियापुर प्रखंड के हर एक पंचायत से सैकड़ों की संख्या में कॉमरेड साथियों और ग्रामीणों ने भाग लिया और बारी-बारी से अपनी समस्याओं को रखा। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड सचिव गणेश चंद्र महतो ने की तथा संचालन देवाशीष पांडेय द्वारा किया गया।इस ऐतिहासिक धरने में मुख्य रूप से निम्नलिखित नेता, पंचायत प्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित होकर आंदोलन को मजबूती प्रदान की:
आनंद महतो (पूर्व विधायक, मुख्य अतिथि), बिंदा पासवान (जिला सचिव),गणेश महतो (सचिव), आनंद महिपाल,देवाशीष पांडेय, उप प्रमुख आशा देवी,शीतल दत्ता ,विजय रजक हीरालाल मोदक,संतोष रवानी, सीमा देवी,मंगल महतो,सुनील महतो, आसित चटर्जी देवरंजन दास आलोक माझी हारु बाउरी,सुरजीत चंद्रा,रामप्रसाद रजवार, कृष्णा दा,गोपाल बाउरी,सुरेश प्रसाद,अभिजीत दत्ता,आनंद राज,राजा राम रजक,मजीद खान, भारत महतो बबलू बावड़ी, अरुण महतो बबलू महतो दीपक महतो विसु बाउरी दिलीप महतो अमित बनर्जी, संजीत महतो अर्जुन महतो सागर मंडल रामप्रसाद रजवाड़ गोपाल बावड़ी नारद कालिंदी राजा राम रवानी मिहिर महतो गंगाधर कर्मकार, आदर सहित रजत महतो बहादुर गोप, प्रेम महतो आकाश महतो सोनू महतो शुभम सिंह रोहित कुमार अप्पू मिश्रा महेंद्र निषाद प्रकाश महतो सूरज कर्मकार सहित तमाम सक्रिय कामरेड एवं ग्रामीण उपस्थित थे
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