
बेरमो/बोकारो थर्मल –
डीवीसी के सीएसआर फंड से पिलपिलो गांव में प्रस्तावित डिप बोरिंग का कार्य ग्रामीणों के आपसी विवाद के कारण सोमवार को शुरू नहीं हो सका।

विरोध के चलते बोरिंग मशीन को वापस लौटाना पड़ा।

अब डीवीसी प्रबंधन ने ग्रामीणों को दो दिनों के भीतर आपसी सहमति से स्थल तय करने का समय दिया है।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व डीवीसी के अधिकारी डिप बोरिंग के लिए स्थल चयन करने पिलपिलो गांव पहुंचे थे। उस समय भी ग्रामीणों के बीच स्थान को लेकर सहमति नहीं बन सकी थी।
इसके बाद सीएसआर प्रबंधक मनीष कुमार चौधरी ने ग्रामसभा के माध्यम से सर्वसम्मति से निर्णय लेने और इसकी सूचना देने को कहा था। ग्रामीणों को सात दिन का समय दिया गया था।
सोमवार को ग्रामीणों की ओर से सहमति बनने की सूचना मिलने पर डीवीसी की बोरिंग मशीन गांव पहुंची। कार्य शुरू होने की तैयारी चल ही रही थी कि गांव के दूसरे टोला के लोगों ने प्रस्तावित स्थल पर आपत्ति जताते हुए बोरिंग अपने टोला में कराने की मांग कर दी। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई, लेकिन कोई सर्वसम्मत निर्णय नहीं निकल सका।
स्थिति को देखते हुए सीएसआर प्रबंधक मनीष कुमार चौधरी ने दोनों पक्षों से आपसी बैठक कर दो दिनों के भीतर सर्वसम्मति से स्थल तय करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों की सहमति मिलने के बाद ही डिप बोरिंग का कार्य कराया जाएगा। फिलहाल मशीन को वापस भेज दिया गया है।
डीवीसी के सीएसआर मद से उपरघाट क्षेत्र के पिलपिलो, लहिया और कचकीरो गांव तथा बोकारो थर्मल की नया बस्ती सहित कुल चार स्थानों पर डिप बोरिंग कराने की योजना है। इनमें नया बस्ती में कार्य जल्द शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।
मौके पर सीएसआर प्रबंधक मनीष कुमार चौधरी, अंकित राज, भैरो महतो एवं जीवाधन महतो सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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