
पंकज ठाकुर
बड़कागांव। बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने बड़कागांव और केरेडारी प्रखंड के 156 राजस्व गांवों में पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री से मिलकर व्यापक पहल करने की मांग की है। विधायक ने खनन परियोजनाओं के कारण जलापूर्ति पाइपलाइनों को हुए नुकसान, सरकारी राशि की क्षति, प्रभावित ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने तथा नई जलापूर्ति योजनाओं की स्वीकृति का बात मंत्री के सामने पुरजोर उठाया है।

विधायक ने मंत्री को पत्र में लिखकर कहा है कि बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के दोनों प्रखंड कोयला खनन गतिविधियों से व्यापक रूप से प्रभावित हैं। खनन कार्यों के दौरान सरकारी राशि से निर्मित जोरदाग ग्रामीण जलापूर्ति योजना की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने और टंकी को नुकसान पहुंचने से योजना का संचालन बाधित हुआ है। इसके कारण संबंधित गांवों के ग्रामीण स्वच्छ पेयजल की सुविधा से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियों के कारण भूजल स्तर में गिरावट और पारंपरिक जलस्रोतों के प्रभावित होने से भी पेयजल संकट गंभीर होता जा रहा है।

क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की जांच और मुआवजे की मांग
विधायक ने मांग की है कि जोरदाग ग्रामीण जलापूर्ति योजना की स्वीकृत राशि, अब तक हुए खर्च, निर्माण एजेंसी और कार्य की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कराई जाए। क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की लंबाई और मरम्मत लागत का उच्चस्तरीय तकनीकी आकलन कराया जाए तथा एनटीपीसी की खनन परियोजना द्वारा क्षतिग्रस्त सरकारी जलापूर्ति संरचनाओं की वास्तविक क्षति का आकलन कर संबंधित कंपनी से मुआवजा एवं पुनर्स्थापन की पूरी राशि वसूल की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी जलापूर्ति पाइपलाइन को कथित तौर पर बिना विभागीय अनुमति क्षतिग्रस्त किए जाने के मामले में दर्ज प्राथमिकी की वर्तमान स्थिति की समीक्षा होनी चाहिए। जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों और जिम्मेदार एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
156 गांवों के लिए नई जलापूर्ति योजनाओं का प्रस्ताव
विधायक ने बड़कागांव और केरेडारी प्रखंड के सभी 156 राजस्व गांवों का पुनः सर्वेक्षण कर वर्तमान आबादी, भविष्य की पेयजल जरूरतों, भूजल स्तर और उपलब्ध जलस्रोतों का आकलन करने की मांग की है। इसके आधार पर नई एवं सुदृढ़ ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं तथा मौजूदा योजनाओं के विस्तार के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर तकनीकी जांच, प्रशासनिक स्वीकृति और पर्याप्त राशि का आवंटन किया जाए।आगे
उन्होंने खनन परियोजनाओं के माइनिंग प्लान, वास्तविक परियोजना क्षेत्र और पेयजल विभाग की मौजूदा व प्रस्तावित योजनाओं के नक्शों का आपसी समन्वय करने पर भी जोर दिया, ताकि भविष्य में खनन कार्यों के कारण पाइपलाइनों को नुकसान से बचाया जा सके।
वैकल्पिक व्यवस्था से मिले शुद्ध पेयजल
विधायक ने आग्रह किया कि नई जलापूर्ति योजनाओं के पूरा होने तक प्रभावित गांवों में वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से नियमित और पर्याप्त शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, खनन प्रभावित क्षेत्रों में भूजल संकट का आकलन कर स्थायी जलस्रोत विकसित किए जाएं और खनन परियोजनाओं तथा पेयजल विभाग के बीच स्थायी समन्वय व्यवस्था बनाई जाए।
उन्होंने पेयजल मंत्री से बड़कागांव एवं केरेडारी प्रखंड के संबंधित अधिकारियों, खनन परियोजना प्रबंधन, जिला प्रशासन तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पदाधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक शीघ्र बुलाने की मांग की है, ताकि सभी बिंदुओं पर ठोस निर्णय लेकर ग्रामीणों को नियमित एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
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