
धनबाद। झरिया विधायक रागिनी सिंह ने झरिया समेत धनबाद जिले के विभिन्न खनन क्षेत्रों में लगातार सामने आ रही भू-धसान की घटनाओं तथा अवैध एवं अनधिकृत खनन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी के समक्ष मामला उठाया। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में खनन गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे में खनन कार्यों की नियमानुसार जांच और सुरक्षा मानकों की समीक्षा आवश्यक है, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका को समय रहते टाला जा सके।
रागिनी सिंह ने मंत्री को बताया कि झरिया सहित धनबाद के विभिन्न कोयला क्षेत्रों में भू-धसान की घटनाओं के कारण लोगों के घर प्रभावित हो रहे हैं तथा कई मकानों में दरारें आने की शिकायतें सामने आ रही हैं। अवैध अथवा अनधिकृत खनन के कारण भूगर्भीय स्थिति पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की भी तकनीकी स्तर पर जांच कराए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी नियमों के विपरीत खनन किए जाने की शिकायत है, वहां संबंधित एजेंसियों द्वारा स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता अथवा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित लोगों और एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

विधायक ने झरिया में हेवी ब्लास्टिंग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि ब्लास्टिंग के कारण आसपास के मकानों में कंपन एवं दरारों की समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने ब्लास्टिंग के निर्धारित मानकों, सुरक्षा प्रावधानों और उसकी निगरानी व्यवस्था की जांच कराने का आग्रह किया।
रागिनी सिंह ने भू-धसान प्रभावित परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास का मुद्दा भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के घर असुरक्षित हो चुके हैं, उन्हें केवल स्थान उपलब्ध नहीं होने की समस्या के कारण जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। सुरक्षित स्थान की उपलब्धता सुनिश्चित कर प्रभावित परिवारों को शीघ्र पुनर्वासित किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने प्रभावित रैयतों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियों से जिन रैयतों की जमीन, मकान अथवा आजीविका प्रभावित हुई है, उनके मामलों की नियमानुसार समीक्षा कर पारदर्शी तरीके से उचित मुआवजा एवं पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
विधायक ने हाल में हुई भू-धसान की गंभीर घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को केवल एक स्थानीय घटना मानकर छोड़ना उचित नहीं होगा। भू-धसान के कारणों, खनन गतिविधियों, अवैध खनन की शिकायतों, ब्लास्टिंग और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संभावित संबंध की विशेषज्ञों से जांच कराना जरूरी है।
रागिनी सिंह ने केंद्रीय मंत्री से धनबाद के विभिन्न खनन क्षेत्रों की समग्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा बीसीसीएल एवं संबंधित एजेंसियों के स्तर पर सुरक्षा, खनन, ब्लास्टिंग और पुनर्वास व्यवस्था की समीक्षा कराने का अनुरोध किया।
विधायक ने बताया कि केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने उनके द्वारा उठाए गए विषयों को गंभीरता से लेते हुए मंत्रालय की टीम को जल्द धनबाद भेजकर खनन क्षेत्रों की वस्तुस्थिति का जायजा लेने और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया है।
रागिनी सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी संस्था या कंपनी पर एकतरफा आरोप लगाना नहीं, बल्कि खनन प्रभावित लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना, संभावित खतरों की समय रहते पहचान करना और प्रभावित परिवारों एवं रैयतों को उनका उचित अधिकार दिलाना है। उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियों के साथ सुरक्षा और जनहित के मानकों का पालन भी समान रूप से जरूरी है।
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