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धनबाद लोकसभा के सिंदरी में 3400 वोटरों ने किया मतदान का वहिष्कार,कहा सरकार हमारी मूलभूत सुविधा नही करायी उपलब्ध

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ByAdmin Office

May 25, 2024

 

 

धनबाद लोकसभा क्षेत्र के सिंदरी में बूथ संख्या 398, 399 और 400 के करीब 3,400 मतदाताओं ने वोट का बहिष्कार कर दिया.

 

सुबह से पीठासीन पदाधिकारी और अन्य मतदानकर्मी बूथ में मतदाताओं के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई मतदाता मतदान करने के लिए नहीं पहुंचा.

 

मतदान केंद्र से थोड़ी दूरी पर ग्रामीण खड़े रहे, लेकिन मतदान नहीं किया.

 

वोट बहिष्कार की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया. बीडीओ और डीएसपी सिंदरी बस्ती में पहुंचे. लोगों को समझाने और वोट करने के लिए मनाने की कोशिश चल रही है. सिंदरी के एसडीपीओ भूपेंद्र राउत और बलियापुर के बीडीओ राजेश कुमार ग्रामीणों के साथ वार्ता कर रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि बातचीत से इसका हल निकल सकता है. इससे पहले 398 नंबर बूथ पर नागेश्वर प्रसाद सिंह नामक व्यक्ति ने चोरी-छिपे जाकर मतदान किया. उधर, ग्रामीण वोट करने की बजाय इलाके में पौधरोपण कर रहे हैं. इसकी वजह भी बता रहे हैं.

 

अपनी ही बस्ती में रिफ्यूजी की तरह रह रहे, किसी ने हमारी नहीं सुनी

 

पानी, बिजली और विस्थापन के मुद्दे पर धनबाद लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सिंदरी बस्ती के लोगों ने वोट का बहिष्कार किया है. एक युवा ने कहा कि मतदान करने का कोई औचित्य नहीं रह गया है. सरकार से कोई उम्मीद नहीं है. रिफ्यूजी की तरह हम यहां रह रहे हैं. हमारे पास कोई प्रमाण पत्र तक नहीं है. हमने सरकार से गुहार लगाई, लेकिन किसी ने हमारी नहीं सुनी. इसलिए हमने वोट बहिष्कार किया है. हम पौधरोपण कर रहे हैं, क्योंकि यह ऑक्सीजन देगा. हमें जीवन देगा. सरकार हमें कुछ नहीं देगी.

 

75 साल से प्रबंधन और सरकार ने हमारी नहीं सुनी

 

एक अन्य वोटर ने कहा कि सिंदरी फर्टिलाइजर के प्रबंधन और सरकार ने 75 साल से हमें बेवकूफ बनाकर रखा है. हमारी जमीन पर सिंदरी फर्टिलाइजर की स्थापना हुई थी. आज हम पानी के लिए तरस रहे हैं. पीएम आवास हमें नहीं मिल रही. हमें कोई सरकारी सुविधा नहीं मिल रही. हमारे पुरखों ने कौड़ी के भाव जमीन दे दी थी.

 

हमारा विस्थापन हुआ, लेकिन सरकार ने पुनर्वास नहीं किया

 

 

लोगो ने कहा कि हमारा विस्थापन तो हुआ, लेकिन पुनर्वास नहीं हुआ. किसी सरकार ने हमारी नहीं सुनी. सिंदरी खाद कारखाने की वजह से पूरी दुनिया में सिंदरी का नाम है, लेकिन सिंदरी बस्ती की किसी ने सुध नहीं ली. सभी ने इसकी अनदेखी की. इसलिए हमने तय किया है कि हम मतदान नहीं करेंगे.


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