
सरायकेला खरसावां जिला इन दिनों चर्चाओं का विषय बन चुका है. वरीय अधिकारी की लगातार ट्रांसफर पोस्टिंग हो रही है. जिसमें झारखंड के लगभग सभी जिलों से एसपी से लेकर थानेदार तक तबादला हो चुका है. मगर सरायकेला जिला में ट्रैफिक पुलिस में सिपाही के तबादले का दौर कम ही देखने को मिलता है. सूत्रों की माने तो सरायकेला ट्रैफिक पुलिस में कुछ एएसआई लेकर सिपाही 6 से 7 सालों ऊपर तक एक ही जगह जमे हुए हैं. जिसका जनता द्वारा अनूमान लगाया जा रहा हैं कि रिटायरमेंट भी ट्रैफिक पुलिस से ही होगी. वही अधिकारी भी इस पर ध्यान आकृष्ट नहीं कर रहे हैं. जिले के लगभग सभी थानों से सिपाही के तबादले होते रहते हैं मगर सरायकेला का ट्रैफिक थाना एक ऐसा जगह है जहां बहुत कम ही सिपाही के तबादले किए जाते हैं. सूत्र बताते हैं कि इन सिपाही कर्मियों के अच्छे खासे रसूखदारों एवं अधिकारियों के साथ अच्छे रिश्ते हैं.एक व्यक्ति ने अपने नाम नहीं बताने के शर्तों पर बताया कि सरायकेला जिले में वाहन चेकिंग के लिए चुनिंदा सिपाही को एक ही जगह कार्य दिया जाता है. जिसमें जिले के हर स्थान का वाहन चेकिंग का दर फिक्स होता हैं.सरायकेला जिले में सिपाही को वाहन चेकिंग करने के लिए सबसे चुनिंदा स्थान नीमडीह, कांड्रा, चांडिल एवं आदित्यपुर टोल होता है. जिस क्षेत्र में अच्छे खासे रकम वसूले जाते हैं. रही बात क्षेत्र में एक्सीडेंट पर रोक लगाने के लिए सरायकेला ट्रैफिक पुलिस इस पर असफल होती जा रही है. सरायकेला क्षेत्र में लगभग हर दिन सड़क दुर्घटनाएं की घटना लगातार घट रही है. जिसमें पुलिस इस पर तत्परता नहीं दिखा रहे है मगर वाहन चेकिंग के नाम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. सूत्र बताते हैं कि सरायकेला जिला में कुछ ऐसे भी सिपाही हैं जब से ट्रैफिक थाना का गठन हुआ है एक ही जगह जमे हुए हैं.
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