
सनातन धर्म में हर महीने कुछ त्योहारों का शुभ मूहर्त रहता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार एक महीने में दो बार एकादशी तिथि आती है। हिंदू धार्मिक रीति रिवाज़ में एकादशी व्रत बहुत ही खास महत्व होता है। इस दिन भगवान श्री विष्णु लक्ष्मी की पूजा अर्चना किया जाता है।
इस दिन श्री हरि विष्णु की सच्ची मन से अराधना करने से जीवन में सुख समृद्धि और मृत्यु के पश्चात मोक्ष की प्राप्ति होती है। पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जया एकादशी मनाई जाती है। पेश हैं इस वर्ष की जया एकादशी की तिथि, शुभ मुहूर्त, और पूजन विधि के बारे में विस्तार से –

*जया एकादशी 2024 तिथि और शुभ मुहूर्त*

हिंदू पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 19 फरवरी को प्रातः काल 8:45 बजे से प्रारंभ होकर 20 फरवरी सुबह 09:55 बजे तक समाप्त होगी।
*उदया तिथि को मानते हुए 20 फरवरी, मंगलवार के दिन जया एकादशी मनाई जायेगी।*
एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि के दिन किया जाता है। जया एकादशी के व्रत का पारण 21 फरवरी को सुबह 06:55 बजे से 09:11 बजे के बीच किया जा सकेगा।
*जया एकादशी की पूजा विधि*
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार जया एकादशी के शुभ मुहूर्त पर ब्रह्म मुहूर्त में सुबह उठकर स्नान करना चाहिए। साथ ही सूर्य देव को जल अर्पण करें। स्नान के पश्चात पीले वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद पूजा घर की अच्छे से सफाई करके भगवान विष्णु की तस्वीर या मूर्ति की स्थापना करें। श्री हरी को पीले फूलों का हार चढ़ायें और पुष्प व मिठाई का भोग लगाएं। इसके बाद दीपक जलाकर उनकी आरती करें, विष्णु आरती और विष्णु स्त्रोत का पाठ करें और साथ ही एकादशी व्रत का संकल्प करें। पूरे दिन व्रत का पालन करें और रात में सच्चे मन से विष्णु की अराधना करते हुए जागरण करें। सुख शांति समृद्धि के लिए भगवान विष्णु से प्रार्थना करें जिससे सारी मनोकामनाएं पूर्ण होगी। द्वादशी तिथि के दिन शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण करें।
*नोट:* यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।
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