
संवाददाता :नरेश विश्वकर्मा
निरसा एमपील के मुख्य द्वार पर मजदूर विजय किस्कू के शव को लेकर पिछले पाँच दिनों से मुआवजा और नियोजन की मांग को लेकर चल रहे धरना का आज मंत्री चंपई सोरेन के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गयी है। झारखंड के परिवहन मंत्री चंपई सोरेन ने एमपील प्रबंधक से मिलकर मृतक विजय किस्कू के पुत्र को नौकरी और परिवार को 15 लाख रुपय का चेक दिया है। मंत्री चंपई सोरेन ने अपने हाथों से नियोजन नियुक्ति पत्र दिया है। मौके हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोगों व झामुमो कार्यकर्ता मौजूद है ।

मंत्री चंपई सोरेन के आते ही जिंदाबाद के नारे लगाए गए। श्री सोरेन एमपील कंपनी के अंदर गए और परिजन को नौकरी और नियुक्ति पत्र दिया है। इस दौरान विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला के तमाम पुलिस पदाधिकारी एसडीएम, एंड ऑर्डर डीएसपी , निरसा सीओ , बीडीओ के साथ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहे।

नियुक्ति पत्र और 15 लाख के चेक देने के बाद मंत्री चंपई सोरेन ने लोगों को संबोधन किया और जिला प्रशासन को आदेश दिया है कि मृतक विजय किस्कू के शव को एम्बुलेंस से पूरे आदिवासी परम्परा के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाय। उन्होंने कहा कि एमपील मृतक विजय किस्कू के अन्य तीन पुत्र की पढ़ाई का खर्च देगा। जिसके बाद धरना समाप्त किया गया।

बताया जाता है कि इलेक्ट्रीशियन के पद पर कार्यरत विजय किस्कू की मौत गंभीर बीमारी से हो गई थी। इसके इलाज एमपील द्वारा कोई सहयोग नहीं दिया गया था। मौत के बाद परिजन मृतक विजय किस्कू के शव को लेकर मुआवजा और नियोजन की मांग को लेकर धरना पर बैठ गए । धरना पिछले पिछले 5 दिनों से चल रहा था ।
समर्थन में कई राजनीति दल आये और अपना वाहवाही लिया लेकिन अंतत सरकार के मंत्री चंपई सोरेन के हस्तछेप के बाद रविवार की शाम मांग पूरी हुई और धारणा समाप्त हो गया।
There is no ads to display, Please add some

Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
