
हजारीबाग सहित झारखंड प्रदेश के किसानो में सुखाड अकाल से त्राहि-त्राहि मचा हुआ है निर्धन का पर्यायवाची शब्द फटेहाल किसान है आज हजारीबाग जिले समेत प्रदेश में धान का बिचड़ा सूख रहा है बिछड़ा के साथ-साथ किसान का हौसला एवं दिल सुख रहा है यह बातें कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रमंडलीय अध्यक्ष डॉ आर सी मेहता ने बरही के पंडरिया गांव में छात्रधारी मंडल के पुत्र के श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार किसानों का दुख दर्द समझे, क्योंकि पिछले वर्ष किसान जो धान बेचे हैं उसका अभी तक पुर्ण राशि नहीं मिला है किसान कर्जा पैचा लेकर धान का बीज एवं भादवा फसल लगाए हैं जो सुख रहा है पिछले वर्ष किसानों को जो राहत राशि मिला था जो ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर था आधे तो बिचौलिया खा गए। सरकार द्वारा किसानों के लिए एक अलग अन्नदाता राहत योजना का गठन किया जाए, ताकि किसान पलायन न करें, किसानों को मैं सुझाव देता हुं की कृषि कार्य के साथ-साथ किसान वैकल्पिक व्यवसाय या अन्य कार्य करें जैसे यदि दो भाई हैं तो एक भाई किसानी करें एक भाई कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण ले कर है बिजली मिस्त्री प्लंबर राजमिस्त्री इत्यादि अन्य कार्य करें। दूसरे राज्यों में पलायन से बेहतर है किसान बकरी पालन मछली पालन मुर्गी पालन कृषि के साथ-साथ करें। संपूर्ण देश में आज किसान ठगा महसूस कर रहा है मैं देखा हूं किसान मर्यादा प्रतिष्ठा को बचाने के लिए अन्य राज्यों में मेहनत मजदूरी कर जीवन यापन कर रहा है आज संपूर्ण देश में व्यापार में बढ़ावा मिल रहा है परंतु कृषकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है अनाज फल सब्जी का सरकार समर्थन मूल्य निर्धारित करें कृषकों के प्रति अनदेखी करना कृषि प्रधान देश के लिए अशुभ संकेत है सभा में पंडरिया गांव युवा समाजसेवी प्रिया प्रसाद पधारी माता चंदन कुमार भारतीय छोटेलाल प्रसाद राजकुमार मोहित कुमार गोपाल महतो कौशल कुमार पवन कुमार शिव शर्मा किशोरी प्रसाद राकेश कुमार वर्मा कितनी गहरी आदित्य पांडे इत्यादि दर्जनों लोग उपस्थित थे

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