
रिपोर्ट, अरुण कुमार सैनी

सिंदरी (धनबाद)भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सिन्दरी नगर अध्यक्ष अजय कुमार ने सिन्दरी की ज्वलंत और फौरी समस्याओं की ओर केन्द्र सरकार और राज्य सरकार तथा स्थानीय प्रबंधन का ध्यान आकर्षित करते हुए अविलंब आवश्यक कार्रवाई करने की जोरदार मांग की है। उन्होंने जिन महत्वपूर्ण मुद्दों को केन्द्र में रखकर अपनी आवाज उठाई हैएवे निम्नलिखित हैं:
११) सिन्दरी खाद कारखाना की बन्दी के बाद से यहां की आम जनता बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है। जबकि यहां सभी आवश्यक संरचनात्मक सुविधाओं से लैस अस्पताल वर्षों से बेकार पड़ा है। इस बावत हमने स्वयं एफ०सी०आई० के केन्द्रीय कार्यालय और उर्वरक मंत्रालय को कई पत्र लिखे। झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात करके सारी समस्याओं पर चर्चा की पर एफ०सी०आई० प्रबंधन और उर्वरक मंत्रालय के अड़ियल रवैये के कारण बात आगे नहीं बढ़ पाई। स्वास्थ्य सुविधाएं बुनियादी सुविधाओं की श्रेणी में आती हैं और हर सरकार का यह दायित्व है कि वह आम जनता को उक्त सुविधाएं उपलब्ध करावे। मैं मांग करता हूं कि अस्पताल को या तो सरकार खुद संचालित करे अथवा किसी निजी संस्था को इसके लिए तैयार करे ताकि सिंदरी के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो सके।
२) हम सरकार द्वारा नियुक्त पी०पी०एक्ट के अन्तर्गत शुरू होने वाले कोर्ट का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं। कंपनी की जमीन और मकान पर से अवैध अतिक्रमण और निर्माण के खिलाफ अवश्य अभियान चलाया जाना चाहिए। हमारी मांग है कि यह अभियान शुरू होने में पूर्व प्राथमिकताएं तय की जाए। शहर में अवैध रूप से जो बहुमंजिला इमारत खड़ी की गई है और कंपनी के दुकानों को अवैध रूप से कब्जिआया गया है पहले उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसा नहीं हो कि कुछ झोपड़ियों को उजाड़
दिया जाए या कंपनी के आवास में रह रहे कुछ लोगों को निकाल दिया जाए और अपने कर्तव्य की इतिश्री समझ लिया जाए।
३) हमारी मांग है कि कंपनी की जमीन का आवंटन किन परिस्थितियों में और किन शर्तों पर दूसरी कंपनियों को दिया जा रहा है उसे सार्वजनिक किया जाए। प्रबंधन को एक श्वेत पत्र जारी करना चाहिए कि जमीन किस आधार पर बांटी जा रही है। उससे कंपनी को कितना राजस्व प्राप्त हो रहा है। यह सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्ति है और इसका स्वयं हित में बंदरबांट नहीं होना चाहिए। (४) इस टाउनशिप में स्कूल बिल्डिंग का आवंटन कारखाना में काम करने वाले कर्मचारियों के बच्चों के हितों को ध्यान में रखकर किया गया था। आज जरूरत इस बात की है कि आवंटन की उस नियमावली का यथाशिघ्र पुनरीक्षण किया जाय । आजकल वे सभी निजी स्कूल व्यवसायिक केंद्रों की तरह चलाए जा रहे है। कंपनी स्कूलों से अधिक से अधिक व्यवसायिक तरिके से राजस्व वसूली करे।
(५) यह उल्लेखनीय है कि कंपनी के आवास आवंटन की नीति युक्तिसंगत नहीं है। आवासीय इकाइयों की लीज की अवधि युक्तिसंगत तरीके से बढ़ाई जाए ताकि हर 11 (ग्यारह) महीने पर लीज की अवधि के लिए भी०एस०एस० कर्मचारियों एवं अन्य को नवीकरण का झंझट समाप्त हो। जो लोग कथित रूप से अवैध ढंग से कंपनी के क्वार्टर में रह रहे हैं उन्हें नई नियमावली बनाकर नियमित आवंटन का प्रबंध किया जाए। ऐसा करने से संपदा विभाग मे व्याप्त घोर भ्रष्टाचार व अनियमितता पर रोक लगेगा और
कंपनी के राजस्व में भी वृद्धि होगी ।
इस विज्ञप्ति के माध्यम से मैं आशा व्यक्त करता हूं कि स्थानीय प्रबंधन, राज्य सरकार और केंद्र सरकार उपर्युक्त बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। कार्यक्रम के मौके पर अजय कुमार नगर अध्यक्ष सिंदरी, संतोष सिंह जिला अध्यक्ष, विश्वनाथ प्रसाद सिंह, सोमनाथ दुबे जिला कार्यकारिणी सदस्य, पूर्व नगर अध्यक्ष गोपाल तिवारी, श्री पूर्णेन्दु सिंह सचिव प्रदेश सेवादल, श्री कमलेश तिवारी जिला महामंत्री, सर्वश्री अजय कुमार सिंह, दिलीप मिश्रा, राहुल राज, जिला सचिव मंगल घोष, नगर कांग्रेस कमेटी के सर्वश्री राज बिहारी यादव, मिनिस्टर यादव, अरविंद कुमार गुडली सत्येंद्र सिंह, हरीश गोप, वार्ड 54 के अध्यक्ष श्री आनंद कुमार, वार्ड 55 के अध्यक्ष श्री सनातन मंडल, मंती कुमार मनीष, के अलावे सैकड़ों लोग उपस्थित थे

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