

गाजियाबाद से
पत्रकार राहुल गौतम की रिपोर्ट
गाजियाबाद- भारत-पाकिस्तान सीमा के अंतर्गत भारत के पंजाब प्रांत के फिरोजपुर क्षेत्र में हुसैनीवाला बॉर्डर से सटे 22 ग्रामों में ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं का अभाव होने पर मानवाधिकार कार्यकर्ता विष्णु कुमार गुप्ता एडवोकेट ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में एक जनहित याचिका प्रेषित की गई है।

याचिका में इन 22 सीमांत गांवों में मूलभूत सुविधाएं,जैसे_सरकारी परिवहन, डाकखाना, बैंक, शैक्षिक सुविधाएं, पीने के लिए पानी आदि की व्यवस्थाएं करने एवं ग्रामीणों के सामाजिक, आर्थिक, शारीरिक, बौद्धिक विकास व उत्थान के लिए समुचित कार्रवाई हेतु मुख्य सचिव, पंजाब प्रदेश को इस संबंध में आदेश प्रदान किए जाने की प्रार्थना की गई है ।

एडवोकेट गुप्ता ने बताया कि उनकी जानकारी में आया है कि पाकिस्तान के कसूर में बनी चमड़ा फैक्ट्रियों से सतलुज का पानी दूषित होने से गांव का भूजल जहरीला हो जाने के कारण ग्रामवासियों में दंत, शुगर, हड्डी और चर्म रोग फैल रहा है । बाढ़ का खतरा बना रहता है । बारिश में बाढ़ आने पर बिजली दो माह तक नहीं आती है । इन गांवों में केवल 5 लोग एमoएo, 30लोग बीoएo पास हैं ।
आज तक यहां से कोई भी व्यक्ति अधिकारी पद तक नहीं पहुंचा है । कारगिल युद्ध और सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान सीमा पर पैदा हुए तनाव के दौरान लोग बेघर हो गए थे तथा वर्ष 1965 एवं 1971 के भारत-पाक युद्ध के समय ग्रामीण अपना बहुत कुछ खो चुके हैं ।
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