
नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र से पहले सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अभिभाषण हुआ. अभिभाषण में राष्ट्रपति ने कहा कि हम ऐसा भारत बनाएंगे, जिसमें गरीबी न हो. आज भारत में स्थिर, निडर, निर्णायक और बड़े सपनों के लिए काम करने वाली सरकार है. अमृतकाल का यह 25 वर्ष का कालखंड, स्वतन्त्रता की स्वर्णिम शताब्दी का, और विकसित भारत के निर्माण का कालखंड है.
ये 25 वर्ष हम सबके लिए और देश के प्रत्येक नागरिक के लिए कर्तव्यों की पराकाष्ठा करके दिखाने के हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में कहा कि मेरी सरकार का स्पष्ट मत है कि भ्रष्टाचार लोकतंत्र का और सामाजिक न्याय का सबसे बड़ा दुश्मन है. इसलिए बीते वर्षों से भ्रष्टाचार के विरुद्ध निरंतर लड़ाई चल रही है. हमने सुनिश्चित किया है कि व्यवस्था में ईमानदार का सम्मान होगा. पहले टैक्स रिफंड के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ता था. आज ITR भरने के कुछ ही दिनों के भीतर रिफंड मिल जाता है. आज GST से पारदर्शिता के साथ-साथ करदाताओं की गरिमा भी सुनिश्चित हो रही है.

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