

दारु//लोहड़ी एवं मकर संक्राति का त्यौहार देश में बडे़ ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। लोहड़ी के अगले दिन मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता हैं। सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना संक्रांति कहलाता है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है उस दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। लोहड़ी की अग्नि मे रबी की फसल के तौर पर तिल, रेवड़ी, मँूगफली गुड़ आदि चीजे अर्पित की जाती हैं।
इस उपलक्ष्य पर सीमा सुरक्षा बल मेरू कैम्प में लोहड़ी का पावन पर्व दिनांक 13.01.2023 को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन परिसर स्थित एडम पी0 टी0 ग्राउंड में किया गया। इस अवसर पर श्री इंद्रजीत सिंह राणा, महानिरीक्षक, प्रशिक्षण केन्द्र एवं विद्यालय, सीमा सुरक्षा बल हजारीबाग के द्वारा अलाव जलाकर पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर सभी कार्मिको के बीच तिल,गुड,़ मूंगफली व गजक का वितरण किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण केंद्र एवं विद्यालय, मेरू कैंप के श्री चारू ध्वज अग्रवाल, उप महानिरीक्षक, श्री राजेश कुमार, उप महानिरीक्षक, अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी व अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।
श्री इंद्रजीत सिंह राणा, महानिरीक्षक, प्रशिक्षण केन्द्र एवं विद्यालय, सीमा सुरक्षा बल हजारीबाग ने अपने संबोधन में कहा कि लोहड़ी व मकर संक्रांति आपसी मेलजोल व भाईचारा बढ़ाने वाले त्योहारों के प्रतीक हैं हम सभी को यह त्यौहार आनंद और उल्लास के साथ मनाना चाहिए साथ ही प्रत्येक पर्व के रीति-रिवाजों का सम्मान करना चाहिए। लोहड़ी और मकर संक्रांति का त्यौहार गुड और तिल की तरह एक हो जाने पर हंसी और खुशी से एकता को बढ़ाने का संदेश देता है। अंत मे महोदय ने समस्त मेरू परिवार और उनके परिजनों को लोहड़ी एवं मकर संक्राति की हार्दिक शुभकामनाएँ व बधाई दी।

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