• Thu. Jan 1st, 2026

चट्टी बरियातू कोल माइंस को भू रैयतों ने सात सूत्री मांगों को लेकर कराया बंद!! एनटीपीसी चट्टी बरियातू कोल माइंस प्रबंधन ने भू रैयतों से माइंस चालू करने की अपील!!

ByAdmin Office

Jan 2, 2023

हजारीबाग : केरेडारी प्रखंड क्षेत्र के चट्टी बरियातू में संचालित एनटीपीसी की कोल माइंस को भू रैयतों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सात सूत्री मांगों को लेकर 2 जनवरी को पुर्ण रूपेण बंद करा दिया! उक्त कोल माइंस से कोयला खनन कोयला ढुलाई और ओ बी हटाने का काम पुर्ण रूपेण बंद है!भू रैयतों ने कहा कि माइंस बंद कराने के पूर्व सात सूत्री मांग पूरी करने को लेकर एनटीपीसी प्रबंधन और उपायुक्त हजारिबाग को लिखित ज्ञापन सौंपा गया था! उपरोक्त मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में माइंस को भू रैयतों ने बंद कराया है! सात सूत्री मांग पूरी नहीं होने तक माइंस में सभी तरह का कार्य बंद रहेगा!विस्थापित प्रभावित भू रैयतों द्वारा माइंस बंद कराने पर एनटी पीसी चट्टी बरियातू कोल माइंस प्रबंधन ने बयान जारी कर कहा कि 200 लोगों द्वारा चट्टी बरियातू कोल माइंस को बल पूर्वक बंद कराया गया है! केरेडारी प्रखंड में चट्टी बरियातू कोल माइंस एनटी पीसी की एक महत्त्वाकांक्षी कोल माइंस है! उक्त माइंस में 29 सितंबर 2022 में कोयला उत्पादन शुरु हुआ था! सोमवार को लगभग 2:45 बजे 200लोगों के समूह ने खदान की सभी प्रक्रियाओं को बंद करा दिया!27 दिसंबर 2022 को विभिन्न मांगो को लेकर खादान बंद कराने की नोटिस की कॉपी एनटीपीसी प्रबंधन को प्राप्त हुई थी! उक्त पत्र उल्लेखित मांग एनटीपीसी की पॉलिसी एवं झारखंड सरकार द्वारा हस्ताक्षरित संकल्प के अनुकूल नहीं है! कोयला खनन कार्य आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में चिन्हित है! अतः उक्त कार्य में बाधा उत्पन्न करना गैर कानूनी है राष्ट्रिय हित की हानी है! एवं खादान में अनाधिकृत प्रवेश सी एमआर 2017 के अधिनियमों के तहत प्रतिबंधित है! खादान बंद कराने और अनियमित मांगो एवं खादान में अनाधिकृत प्रवेश परि पेक्षय में एन टी पीसी के द्वारा उच्च श्रीखंल एवं गैर कानूनी प्रक्रिया माना जा रहा है! एनटी पीसी प्रबंधन उक्त कार्यवाही में शामिल सभी लोगों से अपील करती हैं कि किसी के बहकावे बिना तत्काल प्रभाव से खादान रोको कार्य को निलंबित करते हुए खनन कार्य को सुचारू रूप से चालू होने दिया जाय!


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *