
*रांची :* गुरुवार को सीएम हेमंत सोरेन ने हेमा प्रसाद तत्कालीन सीओ जामताड़ा के विरुद्ध एसीबी जांच का आदेश दिया है. उनपर आरोप है कि हेमा प्रसाद ने सीओ रहते हुए जामताड़ा जिला के मिहिजाम थाना अन्तर्गत बुटकेरिया मौजा में अवैध रूप से जमीन की खरीद बिक्री की है. इस मामले को लेकर मिहिजाम थाने में 17 जून 2016 को मामला दर्ज हुआ है. सीएम हेमंत सोरेन ने यह भी आदेश दिया है कि अगर मामले से जुड़े आरोपी फरार रहते हैं तो उनके खिलाफ कुर्की-जब्ती भी की जाएगी. सीएम हेमंत सोरेन के आदेश के बाद से ही प्रशासनिक अधिकारियों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. कहा जा रहा है कि मामले के मुख्य आरोपी को जांच से बाहर रखा गया है और जिसे पुलिस ने अपनी जांच में क्लीन चिट दिया उसके ही खिलाफ अब एसीबी जांच होगी.
*जांच में हेमा को मिला क्लीन चिट, लेकिन बनी मुख्य आरोपी*
मामला 2016 के जून में दर्ज किया गया. मामले में नौ लोगों को आरोपी बनाया गया था. अंचलाधिकारी हेमा प्रसाद के अलावा अंचल निरीक्षक और तत्कालीन डीसीएलआर सरिता दास (जो उस वक्त जामताड़ा में निबंधक के प्रभार में भी थीं) को भी आरोपी बनाया गया था. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की गई. पुलिसिया जांच में हेमा प्रसाद को विभाग की तरफ से क्लीन चिट दे दिया गया. वहीं सरिता दास को मुख्य आरोपी बनाया गया. लेकिन सीएम हेमंत सोरेन ने जब एसीबी में मामला दर्ज करने का आदेश दिया तो इसमें कहीं भी सरिता दास को आरोपी नहीं बनाया गया. सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की तरफ से भी जो जानकारी जारी की गयी उसमें भी सरिता दास के नाम का जिक्र कहीं नहीं है. सरिता दास अभी गृह विभाग में बतौर उपसचिव पदास्थापित हैं. वहीं हेमा प्रसाद गिरिडीह में बतौर डीएलओ अपनी सेवा दे रहीं हैं.
*मुकर्ररीर जमीन को बसौढ़ी बना कर दिया रजिस्ट्रेशन*
जिस जमीन को लेकर अब एसीबी की जांच होने वाली है. वो जमीन काफी विवादित रही थी. आरोप यह लगाया जा रहा है कि जमीन का नेचर मुकर्ररीर किस्म का था. इस तरह की जमीन की खरीद बिक्री झारखंड में नहीं की जा सकती है. लेकिन निबंधक रहते हुए सरीता दास ने जमीन के नेचर में छेड़छाड़ किया और जमीन का नेचर बसौढी कर दिया. नेचर बदलने के बाद जमीन का निबंधन कर दिया. जिससे जमीन की खरीद बिक्री संभव हो पाया. ऐसे गंभीर आरोप के बावजूद सरीता दास को एसीबी की जांच से बाहर रखा गया है.
*मुझे जानकारी नहीः सरिता दास*
मामले को लेकर सरिता दास ने बताया कि 2014 में ही उनका तबादला कहीं और हो गया था. इसलिए इस मामले को लेकर उन्हें किसी तरह की जानकारी नहीं है.

There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
