
रिपोर्ट दिलीप गिरी

पन्ना जिले में 12 सितंबर से 30 सितंबर तक कुष्ठ रोगी खोज अभियान, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित किया जाएगा। इस संबंध में शनिवार को विभिन्न पैरामेडिकल स्टाफ एवं शहरी आशा कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. जी.पी. आर्या ने बताया कि कुष्ठ रोग जीवाणु से होने वाला एक रोग है। कुष्ठ रोग के कारण त्वचा, अंगों का अंदरूनी भाग और नसें प्रभावित होती हैं।

यदि समय पर इसका इलाज नहीं किया जाए तो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल जाता है। यह किसी भी व्यक्ति, उम्र व स्त्री-पुरुष दोनों को प्रभावित करता है। सही समय पर रोग की पहचान एवं उपचार प्रदान कर रोग को पूर्ण रूप से समाप्त किया जा सकता है।
जिला कुष्ठ सलाहकार डॉ संजय अहिरवार ने बताया कि कुष्ठ रोग के लक्षण में मुख्य रूप से पतले धब्बे, स्पॉट और हल्के फीके रंग के त्वचा के धब्बे होते हैं। छूने या सुई चुभने पर दर्द का असर भी नहीं होता। त्वचा पर गठान या मोटी कठोर या सुखी त्वचा हो जाती है। चेहरे या कान के आखिरी भाग पर दर्द रहित सूजन, बालों का गिरना आदि तलवों में दर्द रहित घाव जिसे अल्सर भी कहते हैं, मांसपेशियों में कमजोरी या बड़ी हुई नसों, विशेष रूप से घुटनों के आसपास और गर्दन के किनारों में, आंखों की समस्याएं जैसे कम दिखना या अंधापन जैसे लक्षण होते हैं।
जिला डीसीएम दीपक सिंह राजपूत ने बताया कि उपचार में कुष्ठ रोग की शर्तिया दवाई एम.डी.टी. है। इसका पूर्ण रूप से उपचार कर रोग को समाप्त किया जा सकता है। कुष्ठ रोग का उपचार समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं पर उपलब्ध है।
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