
चाईबासा। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत संचालित प्रोजेक्ट जागृति के अंतर्गत शनिवार, 31 अक्टूबर को जिला यक्ष्मा केंद्र, चाईबासा में पोषाहार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सामाजिक संस्था Pranic Healing Food for Hungry की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सदर चाईबासा के 10 टीबी मरीजों को गोद लेकर छठी बार पोषाहार किट (फूड बास्केट) वितरित की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पश्चिमी सिंहभूम के जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. आलोक रंजन महतो ने की। उनकी उपस्थिति में सभी 10 टीबी मरीजों को पोषाहार किट प्रदान की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उपचाररत टीबी मरीजों को नियमित पोषण सहायता उपलब्ध कराना तथा उनके स्वास्थ्य में सुधार के लिए सहयोग देना है।

इस अवसर पर Pranic Healing Food for Hungry के अध्यक्ष श्रीमत शीतल मूंदड़ा, श्री भीष्म नारायण प्रधान (SDPS), श्री अगस्ति चंद्र प्रधान (STS), श्री ओम प्रकाश ठाकुर (PPM) सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान टीबी मरीजों को नियमित उपचार के साथ-साथ पौष्टिक आहार के महत्व के प्रति भी जागरूक किया गया। बताया गया कि टीबी के उपचार में दवाओं के नियमित सेवन के साथ संतुलित एवं पौष्टिक आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
टीबी मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों को सफल बनाने के लिए सामुदायिक सहभागिता और निक्षय मित्रों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया गया। इस प्रकार की पहल से टीबी मरीजों को उपचार के दौरान आवश्यक पोषण सहायता मिलती है और उन्हें बीमारी से उबरने में सहयोग प्राप्त होता है।
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