
राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, आदित्यपुर में छात्रों की रचनात्मकता और तकनीकी प्रतिभा को मंच देने के लिए ‘सृजन’ नामक विशेष गतिविधि व प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर कॉलेज के प्रिंसिपल संजीव कुमार ने छात्रों के सर्वांगीण विकास पर बल देते हुए कहा कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि नवाचार को प्रोत्साहित करना है।

प्रिंसिपल संजीव कुमार ने कहा कि आज का समय बदलाव का है। हमारे युवाओं को अब केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनना होगा। इसके लिए नए विचारों और प्रोजेक्ट्स पर काम करना आवश्यक है, क्योंकि प्रोजेक्ट ही इंजीनियरिंग का असली निचोड़ होते हैं। हमारा ध्येय ‘एकेडमिक फर्स्ट’ के साथ-साथ छात्रों की रचनात्मक गतिविधियों को निखारना है।

उन्होंने बताया कि 24 अगस्त से कक्षाएं शुरू होने के बाद छात्र पढ़ाई और परीक्षाओं में व्यस्त थे। पढ़ाई के दबाव से अलग हटकर छात्रों के हुनर को सामने लाने के लिए ‘सृजन’ की शुरुआत की गई। इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। छात्रों ने वॉल हैंगिंग, रंगोली, पेंटिंग जैसी कलाकृतियों के साथ-साथ बेहतरीन तकनीकी मॉडल और प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए।
शिक्षकों ने पिछले दो-तीन दिनों से लगातार विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए। कार्यक्रम में छात्रों के मॉडल्स का मूल्यांकन करने और उनका उत्साहवर्धन करने के लिए एएसआर मेटलॉजी के डायरेक्टर एवं जीएम को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। प्रिंसिपल ने कहा कि सबका सहयोग मिलने से कॉलेज निरंतर ऐसे आयोजनों के जरिए छात्रों को नए भविष्य के लिए तैयार करता रहेगा।
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