
रिपोर्ट सत्येन्द्र यादव
कुल्टी : बराकर हनुमान चढ़ाई स्थित जयश्री ग्रुप के एमडी के आवास पर शुक्रवार को पांच वाहन में आए ईडी प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी से लोहा इस्पात के कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ हैं । मालूम हो कि जयश्री ग्रुप के मालिक सोनू अग्रवाल, अनिल अग्रवाल लौह इस्पात के कारोबार से जुड़े हुए हैं। पश्चिम बंगाल और झारखंड में इन के कइ कारोबार हैं । प्रत्येक साल इन के यहा ईडी , आयकर विभाग और सेंट्रल एक्साइज की छापेमारी होती रहती हैं । जो चर्चा का विषय बना हुआ रहता हैं ।

आज सुबह बराकर के हनुमान चढ़ाई इलाके में उद्योगपति और जयश्री ग्रुप के मालिक सोनू अग्रवाल के भाई अनिल अग्रवाल के घर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की। तड़के पांच गाड़ियों में सवार होकर ED के अधिकारियों की एक टीम उनके घर पहुंची। जानकारी के अनुसार, सुबह 6 बजे से लेकर 11 बजे तक घर के अंदर तलाशी अभियान चलाया गया। सूत्रों के मुताबिक, आय से अधिक संपत्ति और कोयले से जुड़े विभिन्न आरोपों के आधार पर जांच के कई पहलुओं को खंगाला जा रहा है।लौहा इस्पात का कारोबार कोयला से जुड़ा हुआ होता हैं और बड़े पैमाने पर कोयला का इस्तेमाल होता हैं ।

जिसमे कइ खामिया रहती हैं । उल्लेखनीय है कि अवैध कोयला कारोबार से जुड़े मामले में सोनू अग्रवाल, लाला समेत कई लोगों के खिलाफ अदालत में मामला विचाराधीन है। ऐसे में इस छापेमारी का संबंध उन मामलों से भी है या नहीं, इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
छापेमारी के दौरान ED की महिला अधिकारियों के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान भी मौजूद थे। अभियान के दौरान घर के आसपास आम लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया। बताया जा रहा है कि अधिकारियों की टीम पांच गाड़ियों में पहुंची थी, लेकिन करीब एक घंटे बाद दो गाड़ियां वहां से रवाना हो गईं। वहीं, बाकी तीन गाड़ियां काफी देर तक घर के बाहर खड़ी रहीं।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किस विशेष मामले के सिलसिले में यह छापेमारी की गई और तलाशी के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज या सामान बरामद हुए। इस संबंध में ED की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। समाचार लिखे जाने तक छापेमारी जारी हैं ।
जब कि परिवार के एक व्यक्ति का कहना हैं कि कारोबार से जुड़े सभी प्रकार का टैक्स चुकाने के बाद भी अधिकारियों द्वारा छापेमारी की जाती हैं जो परेशानी का कारण हैं । अधिकरियों की छापेमारी का व्यापार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हैं । ऐसे में कारोबार करना मुश्किल हो गया हैं ।
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