
पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर मां-बेटी की हत्या किए जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, ग्राम बड़ा तोरलो के टोला टोपासाई निवासी कुनी कुई (68) और उनकी बेटी नामसी बिरुवा (27) की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उनके शवों को जलाकर तोरलो जंगल स्थित दावबुरु पहाड़ की गुफा में दफना दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर गुफा से दोनों महिलाओं के जले हुए शवों के अवशेष और हड्डियां बरामद की गई हैं।
पुलिस के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 को मंझारी थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि जमीन विवाद को लेकर षड्यंत्र के तहत मां-बेटी की हत्या कर दी गई है और साक्ष्य मिटाने के लिए शवों को जंगल में जलाकर दफना दिया गया है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी दिलीप साय मांझी के बयान पर मंझारी थाना कांड संख्या 59/2026 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ की। इसके बाद आरोपियों की निशानदेही पर दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त मंझारी के अंचलाधिकारी और रांची से पहुंची एफएसएल टीम की मौजूदगी में तोरलो जंगल के दावबुरु पहाड़ स्थित गुफा से जले हुए शवों के अवशेष बरामद किए गए।

*सात आरोपी गिरफ्तार*
पुलिस ने इस मामले में यदुनाथ बिरुवा उर्फ यादु (31), लादूरा बिरुवा (50), राजा राम बिरुवा (34), चेदरे बिरुवा उर्फ चंद्र बिरुवा, माहती बिरुवा (35), दुई कोंडाकेल उर्फ लखन कोंडाकेल (32) और त्रिभुवन बिरुवा (36) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी मंझारी थाना क्षेत्र के अलग-अलग टोलों के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने इस हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। सभी को 29 अक्टूबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज रही है।
*खेत की मेड़ काटने को लेकर हुआ था विवाद*
पुलिस की प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद को हत्या की प्रमुख वजह बताया गया है। जांच के अनुसार, जून-जुलाई 2026 में खेत की मेड़ काटने को लेकर मृतका कुनी कुई और आरोपी यदुनाथ बिरुवा के बीच विवाद हुआ था। वहीं, कुनी कुई के पति रासिका बिरुवा की मृत्यु के बाद से परिवार में संपत्ति और घर से जुड़े विवाद भी सामने आए हैं।
पुलिस का कहना है कि मृतका के पहले पति से बेटे त्रिभुवन बिरुवा के साथ भी मां-बेटी के संबंध तनावपूर्ण थे। आरोप है कि त्रिभुवन बिरुवा ने अन्य लोगों के साथ मिलकर मां-बेटी की हत्या की साजिश रची।
*13 अक्टूबर की शाम हत्या करने का आरोप*
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया है कि 13 अक्टूबर 2026 की शाम करीब सात बजे कुनी कुई और उनकी बेटी नामसी बिरुवा की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि हत्या के बाद शवों को कंधे पर उठाकर मोटकसाई गांव के दावबुरु पहाड़ स्थित गुफा में ले जाया गया। वहां लकड़ियों और झाड़ियों के साथ शवों पर डीजल छिड़ककर जलाया गया तथा बचे हुए अवशेषों को गुफा में ही दफना दिया गया, ताकि घटना के साक्ष्य मिटाए जा सकें।
*अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी*
पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य संदिग्ध आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। हत्याकांड के सभी पहलुओं की जांच जारी है।
छापामारी दल में सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टुटी, मंझारी थाना प्रभारी दिलीप साय मांझी, अनुसंधानकर्ता जितेंद्र कुमार तथा मंझारी थाना के सशस्त्र बल शामिल थे।
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