

धनबाद। क्रिसेंट इंटरनेशनल स्कूल, बारियो, ज्ञान ग्राम, गोविंदपुर, धनबाद में नवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं डांडिया उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। रंग-बिरंगे परिधानों, पारंपरिक नृत्य, मनमोहक प्रस्तुतियों और उत्सवी माहौल ने विद्यालय परिसर को भारतीय संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर क्रीड़ा भारती की श्रीमती शकुंतला मिश्रा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं त्योहारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने की प्रेरणा दी।


विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती विजेता दास ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नवरात्रि के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि शक्ति, भक्ति और सकारात्मकता का प्रतीक है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करते हैं।


कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की मनमोहक प्रस्तुति रही। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का मन मोह लिया। आकर्षक रैंप वॉक ने भी कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया। वहीं, परिसर में लगाए गए विभिन्न खाद्य पदार्थों के स्टॉल ने उत्सव के आनंद को और बढ़ा दिया, जहां उपस्थित लोगों ने स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया।

विद्यालय के निदेशक श्री ईसा शमीम ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा, “शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जीवन-मूल्यों से परिचित कराना भी है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन बच्चों की प्रतिभा को निखारने के साथ उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता और आपसी सहयोग की भावना विकसित करते हैं। हमारी कोशिश है कि विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी समृद्ध भारतीय विरासत पर भी गर्व करें।”

नवरात्रि एवं डांडिया उत्सव ने विद्यालय परिसर को उमंग, उल्लास, भक्ति और सांस्कृतिक एकता के अनूठे संगम में बदल दिया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारतीय परंपराओं से जुड़ने तथा सामूहिक सहभागिता के माध्यम से उत्सव की खुशियां साझा करने का सुंदर अवसर प्रदान किया।
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