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चार साल से सड़क की समस्या से जूझ रहा शिकारपुर का वार्ड नंबर-2, बच्चों की पढ़ाई और मरीजों के अस्पताल पहुंचने को लेकर ग्रामीण चिंतित

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Oct 9, 2026
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हरिहरगंज/पलामू। अविनाश कुमार की रिपोर्ट।

झारखंड के पलामू जिले के हरिहरगंज प्रखंड अंतर्गत कुलहिया पंचायत के शिकारपुर गांव स्थित वार्ड नंबर-2 में सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीणों की परेशानी सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब चार वर्षों से सड़क नदी में समा जाने के कारण आवागमन प्रभावित है। इससे गांव के लोगों को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या का असर केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और रोजमर्रा के जरूरी कामों पर भी पड़ रहा है। ऐसे में इस समस्या का समाधान ग्रामीणों के लिए बेहद जरूरी हो गया है।

चार साल से सड़क की समस्या, ग्रामीणों को समाधान का इंतजार

ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क नदी में समा जाने के बाद से वार्ड नंबर-2 के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि सड़क संपर्क बाधित होने से गांव के लोगों को कई जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे गांव पहुंचकर सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव उनके दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है। इसलिए इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से पहल किए जाने की जरूरत है।

बच्चों की पढ़ाई को लेकर ग्रामीण चिंतित

सड़क की समस्या के कारण बच्चों के स्कूल आने-जाने को लेकर भी ग्रामीणों ने चिंता जताई है। उनके अनुसार, रास्ते की स्थिति ठीक नहीं होने से बच्चों को आवागमन में परेशानी हो सकती है।

ग्रामीण चाहते हैं कि बच्चों को सुरक्षित तरीके से विद्यालय आने-जाने की सुविधा मिले। इसके लिए प्रशासन को सड़क की स्थिति का आकलन कर आवश्यक व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

आपातकालीन स्थिति में बढ़ सकती है परेशानी

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि गांव में किसी मरीज की तबीयत अचानक बिगड़ने, गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने या किसी बुजुर्ग को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ने पर सड़क की खराब स्थिति परेशानी बढ़ा सकती है।

ऐसी परिस्थितियों में सुरक्षित और सुगम आवागमन की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि समस्या का समाधान करते समय स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को भी प्राथमिकता दी जाए।

प्रशासन और संबंधित विभाग से ग्रामीणों की मांग

सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, प्रखंड प्रशासन, संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से पहल करने की अपील की है।

ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि संबंधित अधिकारी स्थल का निरीक्षण करें, सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारणों का तकनीकी आकलन कराएं और भौगोलिक स्थिति के अनुरूप स्थायी समाधान की योजना तैयार करें।

नदी के कारण सड़क संपर्क बाधित होने की स्थिति को देखते हुए पुल, पुलिया अथवा किसी अन्य सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की संभावना का तकनीकी परीक्षण किए जाने की भी मांग की गई है।

ग्रामीण चाहते हैं कि समस्या के समाधान के लिए उठाए जाने वाले कदमों और संभावित कार्ययोजना के संबंध में उन्हें स्पष्ट जानकारी दी जाए, ताकि उन्हें वर्षों से चली आ रही परेशानी से राहत मिल सके।

ग्रामीणों ने उठाई अपनी आवाज

सड़क की समस्या को लेकर अपनी बात रखने वालों में पूर्व प्रमुख सीताराम पासवान, लल्लू सिंह, रामबलम पासवान, धनंजय कुमार पासवान, डॉ. दिलीप कुमार मेहता, सिकेश कुमार सिंह और गुड्डू कुमार शर्मा सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।

ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से जनहित में इस मामले को गंभीरता से लेने और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की।

अब प्रशासनिक पहल का इंतजार

शिकारपुर के वार्ड नंबर-2 में सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा ले और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए।

हालांकि, इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। विभाग का पक्ष और प्रशासन की ओर से प्रस्तावित कार्रवाई सामने आने पर खबर को अद्यतन किया जा सकता है।

ग्रामीणों की मांग स्पष्ट है—उन्हें सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिले, बच्चों की पढ़ाई में बाधा न आए और जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके।

सड़क किसी भी गांव के विकास की महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधा है। ऐसे में शिकारपुर की इस समस्या का तकनीकी आकलन कर उचित समाधान निकालना जरूरी है, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

स्थान: वार्ड नंबर-2, शिकारपुर गांव, कुलहिया पंचायत, हरिहरगंज प्रखंड, पलामू जिला, झारखंड।


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