
प्राथमिक शिक्षा को मजबूत किए बिना बेहतर शिक्षा व्यवस्था की कल्पना नहीं की जा सकती। सरकार को प्राथमिक स्तर की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उक्त बातें गुरुकुल के निदेशक गजेंद्र नाथ चौहान ने कहीं।
उन्होंने कहा कि बच्चे के शैक्षणिक जीवन की वास्तविक नींव प्राथमिक कक्षाओं में ही तैयार होती है। इस स्तर पर बच्चों को पढ़ने-लिखने के साथ-साथ गणित की बुनियादी समझ और व्यवहारिक ज्ञान देना बेहद जरूरी है। यदि प्रारंभिक शिक्षा मजबूत होगी, तो आगे की कक्षाओं में बच्चों को विषयों को समझने में आसानी होगी।

गजेंद्र नाथ चौहान ने कहा कि ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों के विद्यालयों में शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धति और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं पर सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण और बच्चों की सीखने की क्षमता के आकलन को भी जरूरी बताया।

उन्होंने कहा कि केवल विद्यालयों में नामांकन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि प्रत्येक बच्चा अपनी कक्षा के अनुरूप पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणितीय कौशल हासिल कर रहा हो।
उन्होंने कहा, “आज प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया प्रत्येक कदम आने वाले समय में देश के भविष्य को मजबूत करेगा। शिक्षा की नींव मजबूत होगी, तभी एक शिक्षित और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण संभव है।”
गजेंद्र नाथ चौहान ने सरकार से प्राथमिक शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल करने की अपील की।
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