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मधुबनी की राजनीति में उभरता चेहरा: जन-सेवा और संगठन क्षमता से पहचान बना रहे विद्यासागर मंडल

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Sep 22, 2026
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मधुबनी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में बीते 17 सितंबर से पूरे देश में ‘सेवा संकल्प पखवाड़ा’ मनाया जा रहा है। एक महीने तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत विविध जन-सेवा कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता विद्यासागर मंडल द्वारा राजनगर प्रखंड के चपाही गांव में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जुटी हजारों लोगों की भीड़ और आयोजन के अनोखे अंदाज ने पूरे मधुबनी जिले का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस सफल आयोजन के बाद से विद्यासागर मंडल की नेतृत्व क्षमता, दूरदर्शिता और जनप्रियता को लेकर जिले के राजनीतिक गलियारों में व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।

प्रधानमंत्री के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बीजेपी के राज्यसभा सांसद शंभू शरण पटेल पहुंचे।
​युवा नेता विद्यासागर मंडल ने इस अवसर पर एक नई पहल करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा, स्वास्थ्य और जन-जागरूकता फैलाने वाली आंगनवाड़ी सेविकाओं तथा आशा दीदियों को मंच पर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश और समाज के सबसे निचले पायदान को मजबूत करने वाली ये महिलाएं वास्तव में ग्रामीण भारत की रीढ़ हैं। नौनिहालों के सही मार्गदर्शन, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण क्षेत्र की हर युवती व महिला के सुख-दुख में ढाल बनकर खड़े रहने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विद्यासागर ने कहा कि पीएम मोदी के जन्मदिवस पर इन कर्मठ ग्रामीण महिलाओं को सम्मानित कर प्रधानमंत्री के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने और उनकी सोच को धरातल पर सार्थक दिशा देने का एक छोटा सा प्रयास किया गया है।

समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद शंभू शरण पटेल ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति और देश के हर गांव के विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री की स्पष्ट सोच है कि जब देश का गांव मजबूत होगा, तभी प्रखंड, राज्य और अंततः पूरा देश मजबूत बनेगा। सांसद ने विद्यासागर मंडल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे निष्ठावान ग्रामीण कार्यकर्ताओं व समाजसेवियों को सम्मानित कर विद्यासागर जैसे दूरदर्शी युवा नेता प्रधानमंत्री मोदी जी के सपनों को साकार करने में लगे हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों से हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हो रही है। कार्यक्रम के दौरान सांसद द्वारा विद्यालय परिसर तथा मंदिर परिसर में स्थापित दो नए इलेक्ट्रिक टावरों का विधिवत उद्घाटन भी किया गया।

​इस भव्य जनसभा को बिहार सरकार के पूर्व मंत्री रामप्रीत पासवान, विद्यासागर मंडल, सहित कई अन्य प्रमुख नेताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की समाप्ति पर सांसद शंभू शरण पटेल ने अत्यंत सफल और अनुशासित आयोजन के लिए आयोजक विद्यासागर मंडल को बधाई व धन्यवाद दिया।

कार्यक्रम की सफलता औऱ जुटी भीड़ के कारण बिधासागर चर्चा में

इस भव्य और अनूठे कार्यक्रम की गूंज अब पूरे मधुबनी जिले में सुनाई दे रही है। सुबह से ही चपाही गांव में राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ताओं की गहमागहमी देखने को मिली, जो कार्यक्रम के समापन तक निरंतर बनी रही। हजारों की संख्या में मौजूद ग्रामीणों की उपस्थिति और उनके उत्साह ने प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेताओं तक विद्यासागर मंडल की मजबूत संगठन क्षमता और जमीनी पकड़ का एक सकारात्मक संदेश पहुंचाया है।

​इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि पंडाल में किसी राजनीतिक कैडर से ज्यादा आम जनता और युवाओं की स्वतःस्फूर्त उपस्थिति दर्ज की गई। स्थानीय लोग विद्यासागर मंडल में इस पूरे क्षेत्र के उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की संभावना देख रहे हैं।
​विदित हो कि विद्यासागर मंडल एक शिक्षित, सौम्य और आम जनता के लिए हर समय सुलभ रहने वाले जनसेवक हैं। क्षेत्र के लोगों के सुख-दुख में हमेशा तत्पर रहने की उनकी शैली और पूर्व में चलाए गए कई

सामाजिक-सांस्कृतिक अभियानों में उनकी सक्रिय भागीदारी ने युवा वर्ग का ध्यान तेजी से अपनी ओर आकृष्ट किया है। यही कारण है कि आज न केवल राजनगर या मधुबनी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोग भी उनसे काफी उम्मीदें लगाए बैठे हैं।

कौन है विद्यासागर..?

राजनगर प्रखंड के छोटे से गांव चपाही में जन्मे विद्यासागर मंडल का जीवन शुरुआती दिनों से ही संघर्षों और उपलब्धियों से भरा रहा है। गांव की मिट्टी से जुड़कर पले-बढ़े विद्यासागर ने अपनी उच्च शिक्षा पूरी निष्ठा के साथ ग्रहण की। उन्होंने मधुबनी के प्रसिद्ध रामकृष्ण कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और वर्ष 2011 में देवघर स्थित हिंदी विद्यापीठ से ‘साहित्यालंकार’ की उपाधि प्राप्त की।

​शिक्षा पूरी करने के पश्चात विद्यासागर ने पत्रकारिता को अपने करियर के रूप में चुना। उन्होंने देश के नामचीन राष्ट्रीय समाचार चैनलों में बतौर प्राइम-टाइम एंकर अपनी पहचान बनाई। पत्रकारिता के दौरान वे देश-दुनिया के मुद्दों को कवर करते रहे, लेकिन उनके मन में अपने गृह राज्य बिहार को लेकर एक टीस हमेशा बनी रहती थी। वे अक्सर सोचते थे कि देश के अन्य राज्यों में तेजी से विकास हुआ, बड़े-बड़े उद्योग लगे और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बने; लेकिन बिहार के हिस्से में केवल बेरोजगारी, भुखमरी, पिछड़ेपन और पलायन का दर्द ही आया।

वे इस बात से व्यथित रहते थे कि सत्ता में चाहे कोई भी सरकार रही हो, बिहार में बड़े उद्योगों की स्थापना और स्थाई रोजगार सृजन की इच्छाशक्ति का हमेशा अभाव रहा। उनका स्पष्ट मानना था कि अपार संभावनाओं, कुशल कार्यबल और उर्वर भूमि के बावजूद बिहार केवल अफसरशाही और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण पिछड़ता चला गया।

​उन्हें अहसास हुआ कि अगर बिहार की तस्वीर बदलनी है और यहां के प्रतिभावान युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार व सम्मानजनक जीवन देना है, तो पढ़े-लिखे, ऊर्जावान और विज़नरी युवाओं को खुद आगे आकर राजनीति की कमान संभालनी होगी। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने करियर के शिखर पर पहुंचकर एक आकर्षक आय वाली एंकरिंग की नौकरी को तिलांजलि दे दी और वापस अपनी मिट्टी मधुबनी लौट आए।

बिहार वापस आकर उन्होंने शुरुआत में अपनी एक राजनीतिक पार्टी का गठन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय युवाओं और सामाजिक मुद्दों को उठाना था। बाद में बिहार के व्यापक विकास और राष्ट्रीय धारा से जुड़ने के उद्देश्य से उन्होंने अपनी पार्टी का विलय भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में कर दिया।

​विद्यासागर मंडल का मानना है कि केंद्र और राज्य में मजबूत इच्छाशक्ति वाली भाजपा सरकार के नेतृत्व में ही बिहार का वास्तविक कायाकल्प संभव है। उन्हें पूरा विश्वास है कि अब बिहार की स्थितियां बदलेंगी और राज्य विकास की नई पटरी पर दौड़ेगा। उनका यह भी मानना है कि भारतीय जनता पार्टी बिहार की राजनीति में ऐसे युवाओं को निरंतर आगे बढ़ाएगी जो धरातल से जुड़े हैं और जो वास्तव में बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए एक ठोस व सार्थक रणनीति बनाने में सक्षम हैं।


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