
सरायकेला :नीमडीह थाना क्षेत्र के चिगड़ा पाड़कीडीह पंचायत अंतर्गत हुंड़रू पाथरडीह, लाकड़ी, जुगीलांग, चातरमा लकड़ी सहित आधा दर्जन गांवों में इन दिनों जंगली हाथियों के 14 के झुंड ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हाथियों के डर से ग्रामीण शाम होते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो से तीन दिनों से कांदला जंगल से हाथियों का झुंड रोज शाम ढलते ही गांव की ओर रुख कर रहा है। जंगल में पर्याप्त भोजन और पानी नहीं मिलने से हाथी आबादी क्षेत्र में घुस रहे हैं। गांव में घुसते ही हाथी घरों को तोड़ रहे हैं, खेतों में लगी फसल रौंद रहे हैं और घरों में रखे धान-चावल को अपना निवाला बना रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही पूरे गांव में सन्नाटा पसर जाता है। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग घर से बाहर निकलने में डरते हैं। कब हाथियों का झुंड आंगन में आकर मौत बनकर खड़ा हो जाए, इसका किसी को पता नहीं। गरीब किसान परिवार अपनी फसल और जान-माल को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित हैं।

वन विभाग की टीम हाथियों की पहचान और निगरानी में लगी है। बताया जा रहा है कि इस झुंड में पश्चिम बंगाल और झारखंड दोनों राज्यों के हाथी शामिल हैं। दोनों राज्यों के वन विभाग के अधिकारी हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास में लगे हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को गांव से दूर करने, फसल और घर के नुकसान का मुआवजा देने और रात में गश्त बढ़ाने की मांग की है। फिलहाल पूरा इलाका दहशत में है और लोग भगवान भरोसे रात गुजार रहे हैं।
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