
सरायकेला, 28 अगस्त 2026:- रक्षाबंधन के पावन एवं पवित्र अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय सरायकेला की बहनों ने भारतीय संस्कृति, भाई-बहन के पवित्र प्रेम, सम्मान एवं सामाजिक समरसता का सुंदर संदेश प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर विद्यालय की बहनें सरायकेला थाना पहुँचीं, जहाँ उन्होंने थाना में कार्यरत सिपाहियों एवं पुलिस कर्मियों की कलाई पर प्रेमपूर्वक रक्षा सूत्र बाँधा और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो भाई-बहन के स्नेह, विश्वास, प्रेम और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। इसी भावना को व्यापक रूप प्रदान करते हुए सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय सरायकेला की बहनों ने समाज की सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था के लिए दिन-रात अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले पुलिस कर्मियों को राखी बाँधकर उनके प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की।
इस अवसर पर बहनों ने पुलिस कर्मियों को राखी बाँधते हुए उनके स्वस्थ, सुखी एवं सुरक्षित जीवन की मंगलकामना की। पुलिस कर्मियों ने भी बहनों के इस आत्मीय भाव की सराहना करते हुए उन्हें स्नेह एवं आशीर्वाद प्रदान किया। थाना परिसर में कुछ समय के लिए ऐसा वातावरण बना,
जिसमें विद्यालय की बहनों और पुलिस कर्मियों के बीच भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता एवं अपनापन स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय सरायकेला के उप प्राचार्य श्री तुषार कांत पति जी, विद्यालय की शालिनी दीदी जी एवं रोज़ दीदी जी तथा विद्यालय के आचार्य रंजन आचार्य जी, अनंत दूबे आचार्य जी एवं अनुप आचार्य जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से यह संदेश दिया गया कि त्योहार केवल व्यक्तिगत रूप से मनाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से समाज में प्रेम, भाईचारा, संस्कार, सेवा, सम्मान और सामाजिक एकता की भावना को भी मजबूत किया जा सकता है।
पुलिस कर्मी अपने परिवार से दूर रहकर भी समाज की सुरक्षा में निरंतर अपना योगदान देते हैं। ऐसे में रक्षाबंधन के अवसर पर उनके साथ यह आत्मीय पर्व मनाना उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक सुंदर माध्यम है।
सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय सरायकेला प्रत्येक वर्ष रक्षाबंधन के पावन अवसर पर इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को समाज तक पहुँचाने का प्रयास करता रहा है।
सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय सरायकेला का उद्देश्य केवल भैया-बहनों को शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उनमें भारतीय संस्कृति, परंपरा, सेवा भावना, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्रप्रेम जैसे जीवन-मूल्यों का विकास करना भी है।
सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय सरायकेला परिवार का सदैव यह प्रयास रहा है कि हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति एवं संस्कार केवल पुस्तकों तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें व्यवहारिक जीवन में उतारा जाए और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाया जाए। रक्षाबंधन जैसे पर्व इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
थाना परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम प्रेम, विश्वास, सम्मान और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला रहा। बहनों द्वारा पुलिस कर्मियों को बाँधी गई राखी ने यह भाव और मजबूत किया कि रक्षा का यह पवित्र बंधन केवल परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा एवं सेवा में समर्पित प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक भी है।
अंततः सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय सरायकेला परिवार ने इस पावन अवसर पर भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को आगे बढ़ाने तथा समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सम्मान की भावना को मजबूत करने का संकल्प दोहराया। ऐसे सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियाँ अपनी संस्कृति और संस्कारों से जुड़ी रहें और उन्हें समाज तक पहुँचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।
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