
कथा के चतुर्थ दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं भक्ति भाव से उपस्थित होकर श्रीमद्भागवत महापुराण का दिव्य रसपान किया। कथा के दौरान भगवान की भक्तिमय लीलाओं एवं प्रेरणादायी प्रसंगों का श्रवण कर भक्तजन भावविभोर हो उठे। श्रद्धालुओं ने भगवान के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए प्रेम, भक्ति और समर्पण के भाव से स्वयं को प्रभु की भक्ति में लीन कर लिया।कथा क्रम में भगवान् कपिल देवहूति माता संवाद विस्तार से श्रवण कराए।
महाराज श्री ने भगवान वामन जी का सुंदर प्रसंग भक्तों को श्रवण करवाया। भगवान वामन की लीला, राजा बलि की भक्ति और उनके समर्पण की कथा सुनकर भक्त भावविभोर हो उठे।महाराज श्री ने बताया कि भगवान अपने भक्तों के प्रेम, श्रद्धा और समर्पण से प्रसन्न होकर सदैव उनकी रक्षा करते हैं तथा भक्तों का कल्याण करते हैं।

दुनिया में हम कहीं भी रहें, हमें सदैव अपने धर्म, संस्कृति और संस्कारों की रक्षा एवं सम्मान करना चाहिए। सनातन धर्म हमारी पहचान और हमारी जीवनशैली का आधार है। इसलिए हमें स्वयं भी अपनी संस्कृति से जुड़े रहना चाहिए और आने वाली पीढ़ी को भी अपने धर्म एवं संस्कारों के प्रति जागरूक करना चाहिए।

जीवन में कभी भी अभिमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि अभिमान मनुष्य के पतन का कारण बन सकता है। हमें अपनी सफलता, धन, ज्ञान या पद पर अहंकार करने के बजाय सदैव विनम्र और सरल बने रहना चाहिए। ईश्वर ने हमें जो कुछ भी दिया है, उसके लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए सेवा, प्रेम और सद्भाव के मार्ग पर चलना चाहिए। कथा में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। महाराज श्री के मुखारविंद से निकले ज्ञान,
भक्ति और संस्कारों से भक्तों के मन में नई ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का संचार हुआ। यह दिव्य दिवस भक्तों के लिए भक्ति, ज्ञान और आत्मिक आनंद से परिपूर्ण रहा।इस कथा को सफल बनाने में मुख्य यजमान परिवार श्री रामरतन जैन उर्मिला जैन, सुजीत कुमार साव रीना देवी, माला सरकार,अक्षत कुमार शर्मा, कल्पना मिश्रा,उज्ज्वल चटर्जी लक्ष्मी चटर्जी,
पंचम वर्मा सुमित्रा देवी दशरथ मंडल, रेवती मंडल, श्री प्रसून चटर्जी,सीबी प्रसाद नीलम प्रसाद, दिनेश सिंह संजू सिंह,राजेश कुमार शुक्ला,के सी श्रीवास्तव,श्री शैलेन्द्र कुमार सिंन्हा सुनीता देवी पुरषोत्तम कुमार,आर के सिंन्हा ,पुष्पा सिंन्हा ऋषभ रंजन सिन्हा ,अशोक मंडल,दीपक जैन,प्रकाश जैन,चुरामण गोप,एसके दता,मोहन चौधरी,नीलम चौधरी,किरण गोप,निधि जैन, उर्वशी जैन आदि सभी सोसाइटी और आप-पास के क्षेत्र वासीयो के सहयोग से किया जा रहा है।
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