
सरायकेला : चांडिल सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना से बने चांडिल डैम से गुरुवार की सुबह 8:00 बजे भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया। इससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
20 अगस्त 2026, सुबह 8 बजे की स्थिति

जलस्तर : 181.09 मीटर

रेडियल गेट से डिस्चार्ज : 1705.139 क्यूमेक्स – 13 गेट खोले गए। ऊंचाई 0.303 मीटर से 2.015 मीटर तक
आपातकालीन स्लुइस : 78.294 क्यूमेक्स – 2 गेट 1.50 मीटर और 0.45 मीटर खोले गए
नदी स्लुइस : 4.595 क्यूमेक्स – 2 नग
नहर प्रवाह : 31.558 क्यूमेक्स
नदी का कुल प्रवाह : 1788.029 क्यूमेक्स
बांध का कुल निर्वहन : 1819.587 क्यूमेक्स
डैम डिविजन-2 द्वारा सुरक्षा के लिए होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है।
*विस्थापितों की बदहाली*
चांडिल डैम बनने से 22 हजार हेक्टेयर जमीन, 116 गांव और 84 मौजा के लोग विस्थापित हुए थे। आज भी वे विस्थापन नीति से कोसों दूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आंशिक रूप से खेती वाली जमीनें बाढ़ के पानी से डूब चुकी हैं। कई घरों तक पानी पहुंच गया है। लोग रातभर पहरेदारी कर जागकर गुजार रहे हैं। डैम के नीचे बना यातायात पुल भी पानी से कुछ ही फासले पर है। पानी और बढ़ा तो आवागमन बंद हो सकता है।
*आपदा बैठकें सिर्फ कागज पर?* ग्रामीणों का आरोप है कि आपदा प्रबंधन की बैठक में सिर्फ जिला स्तरीय सुरक्षा की बातें होती हैं, लेकिन जमीन पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं दिखती। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।पूर्वी सिंहभूम जिले जामशेपुर ओर सरायकेला जिले आदित्यपुर कदमा आदि जगह पर बाढ़ की घुस रहे हे।
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