
धनबाद। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत शहरी क्षेत्र की जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों तक खाद्यान्न की डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को लेकर झरिया विधायक रागिनी सिंह ने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है। उन्होंने खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेजकर धनबाद के शहरी क्षेत्र में राशन डीलरों तक एफसीआई गोदाम से सीधे खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि राज्य सरकार के निर्देश के तहत रांची, धनबाद और जमशेदपुर के शहरी क्षेत्रों में भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से जन वितरण प्रणाली की दुकानों तक डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से अनाज पहुंचाया जाना है। इसके बावजूद विभागीय पदाधिकारियों और संबंधित संवेदकों के बीच समन्वय के अभाव में व्यवस्था में अनियमितता एवं मनमानी की शिकायतें सामने आ रही हैं।

रागिनी सिंह ने कहा कि एफसीआई और जेएसएफसीआई के पत्रों तथा विभागीय पदाधिकारियों के निर्देशों में अंतर के कारण डीलरों के सामने भी समस्या उत्पन्न हो रही है। कई मामलों में डीलरों को राशन उठाव के बाद उसे दुकान तक पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे पूरी आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

उन्होंने विभाग का ध्यान सरकार के उस परिपत्र की ओर भी आकृष्ट कराया, जिसमें डोर स्टेप डिलीवरी से संबंधित कार्य निर्धारित व्यवस्था एवं एकरारनामा के अनुरूप नहीं किए जाने पर संबंधित परिवहन अभिकर्ता के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है।
विधायक ने मांग की कि धनबाद के शहरी क्षेत्र के सभी राशन डीलरों को एफसीआई गोदाम से डोर स्टेप डिलीवरी के तहत राशन उपलब्ध कराया जाए, ताकि डीलरों को अनावश्यक परेशानी न हो और लाभुकों तक खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया सुचारु एवं पारदर्शी तरीके से संचालित हो सके।
रागिनी सिंह ने स्पष्ट किया कि गरीबों के राशन वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और व्यवस्था को नियमों के अनुरूप संचालित कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
एफसीआई गोदामों से काम छिनने पर रागिनी सिंह का सरकार पर निशाना, 200 मजदूरों के रोजगार की उठाई आवाज
50 वर्षों से अनाज लोडिंग-अनलोडिंग कर रहे मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट, पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग
धनबाद। जन वितरण प्रणाली की दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने की नई डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के बीच एफसीआई गोदामों में वर्षों से लोडिंग-अनलोडिंग का काम कर रहे मजदूरों के रोजगार का मुद्दा झरिया विधायक रागिनी सिंह ने जोरदार तरीके से उठाया है। विधायक ने खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेजकर करीब 200 मजदूरों और उनके परिवारों के सामने उत्पन्न रोजी-रोटी के संकट का समाधान करने की मांग की है।
रागिनी सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि झरिया विधानसभा क्षेत्र समेत धनबाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले करीब 50 वर्षों से एफसीआई गोदामों से अनाज की लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य स्थानीय मजदूरों द्वारा संवेदक के माध्यम से किया जाता रहा है। नई व्यवस्था के तहत मजदूरों को उनके पुराने कार्य से अलग रखने और सीधे डीलरों तक खाद्यान्न पहुंचाने के निर्देश के बाद इन मजदूरों के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
विधायक ने कहा कि इन मजदूरों के परिवारों की आजीविका एफसीआई गोदामों में होने वाले लोडिंग-अनलोडिंग कार्य पर निर्भर रही है। काम बंद होने के कारण लगभग 200 मजदूरों और उनके परिवारों के समक्ष भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि वर्षों से काम कर रहे मजदूरों को अचानक रोजगार से वंचित करना उनके परिवारों के साथ अन्याय है।
उन्होंने विभागीय पदाधिकारियों को पूर्व में पत्राचार किए जाने के बावजूद अब तक उचित निर्णय नहीं लिए जाने पर भी चिंता जताई। रागिनी सिंह ने कहा कि अनाज की लोडिंग-अनलोडिंग एफसीआई गोदामों में कार्यरत मजदूरों के लिए रोजगार और आजीविका का प्रमुख साधन है। नई डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था लागू होने के बाद इन मजदूरों के सामने यह संकट खड़ा हुआ है।
विधायक ने सरकार से मांग की कि एफसीआई गोदामों में कार्यरत मजदूरों के हित में पूर्व की व्यवस्था के तहत काम उपलब्ध कराया जाए अथवा उनके लिए वैकल्पिक रोजगार की ठोस व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में बदलाव का खामियाजा गरीब मजदूरों और उनके परिवारों को नहीं भुगतना चाहिए।
रागिनी सिंह ने सरकार से मजदूरों के हित में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए रोजगार बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है।
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