
चाईबासा: प० सिंहभूम जिला के कांग्रेस प्रवक्ता सह सामाजिक कार्यकर्ता त्रिशानु राय ने हावड़ा–बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या–12021) के लगातार विलंब से परिचालन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बुधवार को चक्रधरपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) को पत्र लिखकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।अपने पत्र में त्रिशानु राय ने कहा है कि हावड़ा–बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस दक्षिण पूर्व रेलवे की अत्यंत महत्वपूर्ण रेल सेवाओं में से एक है, जिस पर प्रतिदिन प० सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां तथा ओडिशा के बड़बिल क्षेत्र के हजारों यात्री निर्भर रहते हैं। यह ट्रेन विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, मरीजों एवं आम नागरिकों के लिए जीवनरेखा के समान है। इसके बावजूद पिछले लंबे समय से ट्रेन का लगातार घंटों विलंब से परिचालन यात्रियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गया है। त्रिशानु राय ने कहा कि ट्रेन की लगातार देरी के कारण यात्रियों को मानसिक, आर्थिक एवं शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। समय पर कार्यालय, शिक्षण संस्थान, अस्पताल एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए जाने वाले लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है। इसके अलावा कई यात्रियों की दूसरी ट्रेनों एवं हवाई उड़ानों की कनेक्टिविटी भी छूट जाती है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि एक प्रीमियम श्रेणी की जनशताब्दी एक्सप्रेस का लगातार विलंब से चलना भारतीय रेल की समयबद्ध एवं विश्वसनीय सेवा की छवि को भी प्रभावित करता है। यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो यात्रियों का रेलवे प्रशासन के प्रति विश्वास कमजोर होगा।
अपने पत्र के माध्यम से त्रिशानु राय ने डीआरएम से मांग की है कि ट्रेन की लगातार लेटलतीफी के वास्तविक कारणों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, समयपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं परिचालन सुधार तत्काल लागू किए जाएं, जिन रेलखंडों पर बार-बार विलंब हो रहा है वहां स्थायी समाधान हेतु विशेष कार्ययोजना बनाई जाए तथा यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ट्रेन का नियमित एवं समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो। सिंहभूम एवं समूचे कोल्हान क्षेत्र के हजारों लोग प्रतिदिन इस ट्रेन पर निर्भर है। रेलवे प्रशासन को यात्रियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और भारतीय रेल के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो।

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