
धनबाद: झरिया की सड़कों पर तैरते गंदे पानी और बजबजाती नालियों के ‘सदाबहार’ ढर्रे पर आखिरकार धनबाद नगर निगम का हथौड़ा चल ही गया। शनिवार को जब गांधी रोड पर जेसीबी गरजा, तो अतिक्रमणकारियों का सारा रसूख हवा हो गया। दरहसल दुकानदारों ने नालियों पर कंक्रीट के स्लैब डालकर अपनी दुकानें तो बढ़ा लीं, लेकिन सफाई का रास्ता बंद कर दिया। नतीजा—सड़कों पर बहता नर्क और महीनों का जलजमाव। लेकिन जब निगम ने प्यार से हटने का नोटिस दिया था, पर दुकानदारों ने ‘लाइटली’ लिया।
जिसके बाद शनिवार को निगम ने सरप्राइज दे डाला। दोपहर को सहायक नगर आयुक्त सन्नी राज, विश्वनाथ भगत और अनिल कुमार पूरी पलटन और जेसीबी के साथ प्रकट हो गए। फिर क्या जेसीबी को देखते ही दुकानदारों में ऐसी खलबली मची कि जो महीनों से नोटिस को भाव नहीं दे रहे थे, वो खुद हथौड़ा लेकर अपनी अवैध सीढ़ियां तोड़ने लगे। कई साहबान अधिकारियों के आगे हाथ जोड़कर ‘रहम’ की भीख मांगते दिखे, लेकिन अधिकारियों का दिल नहीं पघला। सीधा ऑर्डर हुआ—”चलाओ जेसीबी!” और देखते ही देखते नालियों का दम घोटने वाले सारे अवैध ढांचे जमींदोज हो गए।

दुकानदार भले ही मायूस हैं, लेकिन बरसों बाद नारकीय बदबू से आजाद हुई झरिया की जनता और राहगीर मन ही मन कह रहे हैं— “थैंक यू निगम बाबू, देर आए दुरुस्त आए!”

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