
सरायकेला-खरसांवां जिले के चांडिल अनुमंडल में अवैध बालू और पत्थर के ओवरलोड परिवहन से सड़कें जर्जर हो गई हैं। जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुपपरिया नदी के किनारे स्थित तिलरुड़ीह, पौइहिंग, जारगो, सामाटा और आसपास के क्षेत्रों से रात के समय बिना नंबर की जेसीबी मशीनों और हाइवा जैसे भारी वाहनों द्वारा अवैध बालू और पत्थर का परिवहन किया जा रहा है।

इस कारण मिलन चौक से तिलकड़ीह, कुकडू, दारूड़ा, सिस्भ, झीमरी, बाबू और आदरडीह तक की सड़कें जगह-जगह गड्ढों से भर गई हैं। इससे आम नागरिकों, विद्यार्थियों और मरीजों को रोजाना परेशानी हो रही है।

मधुश्री महतो, जिला परिषद उपाध्यक्ष, सरायकेला-खरसांवां
ने कहा यदि अवैध खन और ओवरलोड परिवहन पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो क्षेत्र की सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाएंगी। मैं प्रशासन से मांग करती हूं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
श्रीमती महतो ने कहा कि जनता के हितों की रक्षा और शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, सिंचाई एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए वे लगातार आवाज उठाती रही हैं और आगे भी उठाती रहेंगी।
उन्होंने प्रशासन से निम्न मांगें रखीं:
झारखंड में 10 जून से 15 अक्टूबर तक एनजीटी के निर्देश के अनुसार केवल ईसी स्टॉक से ही बालू का उठाव और परिवहन किया जाए।
बिना नंबर की जेसीबी, हाइवा और अन्य भारी वाहनों को जब्त किया जाए।
जर्जर सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराई जाए।
अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
श्रीमती महतो ने क्षेत्रवासियों को भरोसा दिलाया कि जनहित से जुड़े हर मुद्दे पर उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा मेरा संकल्प है और सच्चाई तथा ईमानदारी के साथ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए वे सदैव साथ खड़ी हैं।
प्रशासन से उम्मीद जताई जा रही है कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अवैध खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत भी जल्द शुरू की जाएगी।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
