
बेरमो/कथारा –
डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल कथारा में आयोजित डीएवी झारखंड जोन-1 के सात विद्यालयों की त्रि-दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला के दूसरे दिन शुक्रवार को नई शिक्षा तकनीकों एवं दक्षता आधारित अधिगम पर चर्चा हुई।

डीएवी भरेचनगर के प्राचार्य जी.पी. झा ने “एक शिक्षक का स्वमूल्यांकन” विषय पर सत्र लेते हुए कहा कि शिक्षकों को बहुमुखी प्रतिभा का धनी होना चाहिए, ताकि वे विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर सकें। वहीं डीएवी इस्पात पब्लिक स्कूल सेक्टर-2/सी की प्राचार्या अनुराधा सिंह ने राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 की जानकारी दी।

झारखंड जोन-1 के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ. जी.एन. खान ने कहा कि विद्यार्थियों को प्रायोगिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत “सफल” एवं “परख” कार्यक्रमों की चर्चा करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य देशभर की शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाना है।
डॉ. खान ने शिक्षकों और अभिभावकों से विद्यार्थियों में संस्कार एवं कृतज्ञता की भावना विकसित करने की अपील की। उन्होंने “ब्लैक डॉट स्टोरी” के माध्यम से जीवन के सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश दिया।
कार्यशाला में डीएवी स्वांग, भवनाथपुर, तेनुघाट, ललपनिया, दुग्धा एवं भंडारीदाह के प्राचार्यों सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
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