

बड़कागांव। बड़कागांव पूर्वी क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण को लेकर चल रहे विवाद ने अब एक नया और उग्र रूप ले लिया है। बड़कागांव पूर्वी के ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। “अपनी जमीन अपना राज” के नारे के साथ ग्रामीणों ने उन बिचौलियों और दलालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जो कंपनी के इशारों पर काम कर रहे हैं।

दलालों को सीधी चेतावनी
ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि अपनी आंखों पर बंधी पट्टी खोलने का समय आ गया है। ‘कर्णपुरा बचाव संघर्ष समिति’ ने चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ लोग हमारे अपने बनकर, पीठ पीछे फर्जी रैयत बनकर कंपनी के तलवे चाट रहे हैं। ये लोग हमारे पूर्वजों की विरासत और आने वाली पीढ़ी का भविष्य कौड़ियों के दाम बेचने पर तुले हैं।
ये लोग गांव के हितैषी नहीं, बल्कि कंपनी के एजेंट हैं। इनका काम है रैयतों को लालच देना और आपस में लड़वाना। ये चोरी-छिपे कंपनी के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं।
सामाजिक बहिष्कार
संघर्ष समिति ने सामूहिक रूप से कड़े फैसले लिए हैं, जिन्हें पूरे क्षेत्र में लागू करने है:
किसी भी दलाल या कंपनी प्रतिनिधि के बहकावे में आकर किसी भी कागज़ पर हस्ताक्षर न करें।
कंपनी और दलालों को गांव में घुसने से सख्ती से रोका जाएगा।
जो व्यक्ति माटी का सौदा करेगा, उसे समाज से बेदखल कर दिया जाएगा।
जल, जंगल, जमीन पर हक की लड़ाई
ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जल,जंगल, जमीन हमारी है, इसे बचाने की अब हमारी बारी है। गोंदलपुरा, बादम, राउतपारा, अंबाजीत, बाबूपारा और हरली आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे और दलालों के माध्यम से की जा रही साठगांठ को सफल नहीं होने देंगे। साथ 22 मई 2026 को डीसी ऑफिस में एनटीपीसी, अदानी, जेएसडब्ल्यू, एनएमडीसी रुंगटा जैसे कोयला खनन कंपनियों को रद्द करने को लेकर एक दिवसीय धारना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
इसके आलावे सोमवार को हुए एनटीपीसी में फर्जी रैयतों का भंडाफोड़ करते हुए उन लोगों से कबुल भी करवाया गया। मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित पंचायत समिति हरली कौशल्या देवी, पंचायत समिती सदस्य राजा खान, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधी संतोष महतो, उप मुखिया संतोष महतो, बालेश्वर महतो, त्रिवेणी महतो, रवि दांगी, विकाश कुशवाहा, विकाश ममहतो,श्रीकांत निराला, डॉ कैलाश कुमार, अर्जुन साव, बिरेंद्र साव, प्रमोद कुमार, अभय मास्टर, अशोक यादव, विष्णू गुप्ता, सफदर इमाम, नैय्यर इकबाल, गोविंद महतो, बिरेंद्र कुमार, संतोष कुमार, आलोक ठाकुर, भागीरथ ठाकुर, पवन साव, अर्जुन साव, प्रकाश राम, मिथलेश सर, रामा सिंह, प्रदीप सोनी, कृष्णा गुप्ता, राजेश राम साहित अन्य ग्रामीण मौजुद थे।
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