

सरायकेला – सरायकेला जिले में इन दिनों सूरज के तेवर बेहद तीखे बने हुए हैं। मंगलवार को तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दिन भर की चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं (लू) ने लोगों का घर से निकलना बेहाल कर दिया है। स्थिति यह है कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और थोड़ी ही दूरी तय करने पर गला सूखने जैसी समस्या सामने आ रही है।

गर्मी के इस प्रकोप के बीच शहर के चौक-चौराहों पर शीतल पेयों के ठेले सज गए हैं। लोग गर्मी से निजात पाने के लिए प्राकृतिक और पारंपरिक पेयों का सहारा ले रहे हैं। बाजार में आम शरबत, नींबू पानी, सत्तू शरबत, गन्ने का जूस और बेल के शरबत की मांग में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि इस साल बिक्री में 50% से अधिक का उछाल आया है।
दिलचस्प बात यह है कि ब्रांडेड कोल्ड ड्रिंक्स की तुलना में पारंपरिक पेयों की पकड़ बाजार में काफी मजबूत हुई है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग अब सत्तू, गन्ने और बेल के शरबत को प्राथमिकता दे रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, ये पेय न केवल शरीर को ठंडा रखते हैं, बल्कि डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से बचाने में भी बेहद कारगर साबित होते हैं।
मौसम विभाग और स्थानीय विशेषज्ञों की मानें तो फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है, जिससे शीतल पेयों की मांग का यह ग्राफ लगातार ऊपर रहने के आसार हैं।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
