सीनी। चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत सीनी रेल अस्पताल में उचित प्राथमिक उपचार न मिलने के कारण एक 35 वर्षीय रेलकर्मी की मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय रेल कर्मचारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सीनी वर्कशॉप में कार्यरत 35 वर्षीय रेलकर्मी श्रीकांत कुमार को तबीयत बिगड़ने पर सीनी रेल अस्पताल लाया गया था। परिजनों और सहकर्मियों का आरोप है कि अस्पताल में न तो एम्बुलेंस की व्यवस्था है और न ही आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए उचित चिकित्सा सुविधा। प्राथमिक उपचार के अभाव में श्रीकांत कुमार ने दम तोड़ दिया। सीनी में इंजीनियरिंग वर्कशॉप, विद्युत विभाग, सिग्नल विभाग और क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान (ZRTIs) जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यालय हैं, जहाँ हजारों कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके बावजूद चिकित्सा सुविधाएं नाममात्र की हैं। पहले अस्पताल सुबह 10 से 1 बजे और शाम 5 से 7 बजे तक खुलता था। अब समय बदलकर सुबह 8:30 से दोपहर 3 बजे तक कर दिया गया है। रेलकर्मी शाम 5 बजे ड्यूटी से छूटते हैं, तब तक अस्पताल बंद हो जाता है, जिससे कर्मचारी और उनके परिवार इलाज नहीं करा पा रहे हैं। न तो 24 घंटे चिकित्सा सेवा बहाल है और न ही दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता। घटना की सूचना मिलते ही दक्षिण पूर्व रेलवे मेन्स यूनियन के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। शाखा सचिव विश्वजीत बड़ाईक, अध्यक्ष संको सरदार, देवाशीष दास, व्यास कुमार रजक और मोहम्मद शाहिद सहित दर्जनों रेलकर्मियों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सरायकेला लाया गया। There is no ads to display, Please add someSubhasish KumarLike this:Like Loading... Related Post Disclaimerस्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com Post navigation सरायकेला: उत्कलमणि आदर्श पाठागार में धूमधाम से मनाया गया ‘उत्कल दिवस