
दरभंगा, 24 मार्च 2026: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) के कामेश्वरनगर स्थित परिसर में मंगलवार को सहायक प्राध्यापक पद के अभ्यर्थियों ने एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की। प्रस्तावित नई ड्राफ्ट नियमावली के विरोध और उसमें सुधार की माँग को लेकर जुटे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने इसे अपनी “वर्षों की तपस्या और सम्मान की लड़ाई” करार दिया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि वर्तमान नियमावली में कई ऐसी विसंगतियाँ हैं जो उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और स्थानीय प्रतिभाओं के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।

प्रमुख माँगें और चिंताएँ

प्रेस वार्ता के दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार के समक्ष अपनी चार मुख्य माँगें रखीं, जिन्हें वे न्यायसंगत चयन प्रणाली के लिए अनिवार्य मानते हैं:
डोमिसाइल नीति की अनिवार्यता: वक्ताओं ने पुरजोर तरीके से माँग की कि नियुक्ति प्रक्रिया में डोमिसाइल नीति लागू की जाए। उनका तर्क है कि इससे राज्य के योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को प्राथमिकता मिलेगी और बिहार की शैक्षणिक संरचना स्थानीय स्तर पर सुदृढ़ होगी।
UGC मानकों का अनुपालन: चयन प्रक्रिया को पूरी तरह से UGC के मानकों के अनुरूप बनाने पर बल दिया गया। इसमें NET, Ph.D., उच्च गुणवत्ता वाले शोध-पत्रों और शिक्षण अनुभव को प्राथमिक महत्व देने की बात कही गई, ताकि केवल दक्ष शिक्षक ही नियुक्त हों।
आयु सीमा में कटौती का विरोध: अभ्यर्थियों ने अधिकतम आयु सीमा को पूर्ववत 55 वर्ष रखने की माँग की। उन्होंने कहा कि शोध और शैक्षणिक योग्यता हासिल करने में लंबा समय लगता है, ऐसे में आयु सीमा घटाना अनुभवी अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा।
अतिथि शिक्षकों का समायोजन: वर्षों से अल्प मानदेय पर सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों के लिए विशेष प्रावधान और उनके समायोजन की माँग उठाई गई। इसे उनके संघर्ष और योगदान का सम्मान बताया गया।
“यह विरोध नहीं, न्याय की पुकार है”
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ नहीं, बल्कि एक पारदर्शी और संतुलित प्रणाली की स्थापना के लिए है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से राज्य सरकार से आग्रह किया कि एक समावेशी नीति बनाई जाए जो वर्तमान पीढ़ी के हितों की रक्षा करे और भविष्य की शिक्षा व्यवस्था को प्रतिस्पर्धी बनाए।
उपस्थिति
इस अवसर पर डॉ. अमरजी कुमार, डॉ. संजय कुमार सहनी, डॉ. मो. जमील हसन अंसारी, डॉ. रबिन्द्र कुमार राज, डॉ. सन्नी कुमार, डॉ. विजय कुमार सक्सेना, डॉ. सुनील कुमार यादव, डॉ. नंदकिशोर यादव, डॉ. बसंत मंडल, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. मृत्युंजय कुमार, डॉ. अरुण कुमार साफी सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में सरकार से इन तार्किक माँगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
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