
राजनगर (सरायकेला): राजनगर प्रखंड के टांगरानी स्थित प्राचीन गुरुकुल आश्रम (श्री श्री विश्व कल्याण श्रीमद् भागवत गीता यज्ञ मंदिर) में पांच दिवसीय वार्षिक गीता यज्ञ एवं महामंत्र संकीर्तन मंगलवार, 3 मार्च 2026 को विधिवत पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया।

1958 से अनवरत जारी है परंपरा

आश्रम के संचालक कर्मानंद सरस्वती (चंदन बाबा) के मार्गदर्शन में आयोजित इस 68वें वार्षिक अनुष्ठान की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य कलश यात्रा के साथ हुई थी। बताते चलें कि इस विश्व कल्याण यज्ञ की नींव वर्ष 1958-59 में रामानंद सरस्वती जी महाराज और विद्यानंद सरस्वती जी महाराज के सहयोग से रखी गई थी। इस वर्ष पांच कुंडीय यज्ञ शाला में विद्वान पुरोहितों द्वारा आहुतियां डाली गईं।
लाखों श्रद्धालुओं का हुआ आगमन
इस आध्यात्मिक समागम में केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। यज्ञ की पूर्णता पर प्रकाश डालते हुए चंदन बाबा ने कहा कि “परमात्मा का अभिन्न ज्ञान और अनुभव ही जीव का सच्चा परिचय है, और यही यज्ञ की वास्तविक सार्थकता है।”
अतिथियों ने जताया आभार
यज्ञ की पूर्णाहुति और कलश यात्रा में सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी भी सम्मिलित हुए। उन्होंने संबोधन में कहा कि भक्ति से आत्मिक शांति मिलती है और कलश यात्रा का पवित्र जल हमारे मन को शीतल और निर्मल बनाने का संदेश देता है।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में चंदन बाबा सहित आश्रम के सहयोगी भक्तों, प्रबुद्ध नागरिकों और टांगरानी ग्रामवासियों का सराहनीय योगदान रहा।
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