• Thu. Mar 5th, 2026

विस्थापन आयोग के गठन का श्रेय लेना बंद करें विधायक रौशन लाल चौधरी :अम्बा प्रसाद का पलटवार

admin's avatar

Byadmin

Nov 9, 2025

 

पंकज ठाकुर

 

बड़कागांव। अम्बा प्रसाद पूर्व विधायक, ने आज वर्तमान विधायक रौशन लाल चौधरी पर जमकर निशाना साधा और उनसे विस्थापन आयोग के गठन का झूठा श्रेय लेना बंद करने को कहा। पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि 8 जुलाई 2024 को कैबिनेट से विस्थापन आयोग के गठन की जो प्रक्रिया पूरी हुई, वह उनके लगातार प्रयासों का परिणाम है, न कि वर्तमान विधायक के दबाव का।

पूर्व विधायक ने कहा:

“विधायक रौशन लाल चौधरी जी को यह क्रेडिट लेना तुरंत बंद करना चाहिए। वह ऐसे पेश आते हैं जैसे उनके मुद्दा उठाने के बाद सरकार ने डरकर विस्थापन आयोग का गठन कर दिया। यह हास्यास्पद है।”

तथ्य स्पष्टीकरण: “उन्हें यह भी नहीं पता कि आयोग का गठन हुआ है या उसकी नियमावली बनी है। जो नियमावली कैबिनेट से पास हुई, उन्हें उसका जार भी पता नहीं है। नियमावली सही है या गलत, इससे भी उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। कल बड़कागाँव में खुले मंच से फिर से श्रेय लेने की उनकी कोशिश छल के अलावा कुछ नहीं है।”

अपने प्रयास: अम्बा प्रसाद ने स्पष्ट किया कि विस्थापन आयोग के गठन के लिए उन्होंने कई बार विधानसभा में मामला उठाया, पार्टी फोरम पर लगातार दबाव बनाया, और मुख्यमंत्री से बार-बार आग्रह किया। उन्होंने कहा, “अंततः मेरी जीत हुई, और विस्थापन आयोग को 8 जुलाई 2024 को कैबिनेट से पास कर दिया गया मेरे ही कार्यकाल मे ।”

नियमावली पर चिंता: पूर्व विधायक ने यह भी जोड़ा, “सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी ने इसकी नियमावली (Rules) पर ज़ोर नहीं दिया। अगर मैं विधानसभा में होती, तो मैं सुनिश्चित करती कि विस्थापितों के हित में सही नियमावली ही पारित हो।”

अम्बा प्रसाद ने विधायक चौधरी पर आरोप लगाया कि अगर वह सही मायने में बड़कागांव के हितैषी होते, तो केवल उनके हर कार्य का क्रेडिट लेने का काम न करते।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *