
रिपोर्टर अमित चौहान।

धनबाद :कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को दामोदर नदी में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा।

लेकिन आस्था का यह मेला मातम में बदल गया, जब महुदा दामोदर पुल के समीप स्नान करने पहुंचे पांच युवक नदी के तेज बहाव में बह गए। स्थानीय लोगों की तत्परता से तीन युवकों को बचा लिया गया, जबकि दो अब भी लापता हैं।
सूचना मिलते ही धनबाद सांसद ढुलू महतो मौके पर पहुंचे और धनबाद डीसी से मोबाइल पर बात कर ऑक्सीजन रहित NDRF टीम भेजने की मांग की। डीसी ने बताया कि रांची से राहत दल पहले ही रवाना हो चुका है।
इस बीच, स्थानीय गोताखोरों की मदद से एक युवक का शव बरामद किया गया है, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। हालांकि, मृतक व लापता युवकों के परिजन अब तक घटनास्थल पर नहीं पहुंचे हैं। पानी में सभी युवक बाघमारा प्रखंड के भीम कनाली क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
*अवैध बालू खनन और प्रशासनिक शिथिलता पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि दामोदर नदी में अवैध बालू खनन लगातार जारी है, जिससे नदी की धारा असामान्य रूप से गहरी और असंतुलित हो चुकी है। यही वजह है कि हर वर्ष इस क्षेत्र में स्नान के दौरान ऐसी दर्दनाक घटनाएँ घटती रहती हैं।
लोगों ने सवाल उठाया है कि जिला प्रशासन की ओर से गाइडलाइन होने के बावजूद इस भीड़भाड़ वाले धार्मिक अवसर पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, गोताखोर दल और बेरिकेडिंग क्यों नहीं की गई। प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी इस हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है।
जनता ने मांग की है कि इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियाँ न दोहराई जाएँ।
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