
सरायकेला: चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में अवैध पत्थर खनन का कारोबार गंभीर समस्या का रूप लेता जा रहा है। इस अवैध गतिविधि से न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि स्थानीय प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसी मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता संदीप कुमार मंडल ने झारखंड के राज्यपाल का ध्यान आकर्षित किया है और अवैध कारोबारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

अवैध खनन के गंभीर प्रभाव:

संदीप कुमार मंडल ने बताया कि अवैध खनन से कई तरह के पर्यावरणीय नुकसान हो रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं:
पर्यावरणीय नुकसान: अवैध खनन से बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई हो रही है, जिससे भूमि क्षरण और जल प्रदूषण बढ़ रहा है। इसका सीधा असर जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों पर पड़ रहा है।
वायु प्रदूषण: खनन गतिविधियों से निकलने वाली धूल और कणों से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में साँस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
जल प्रदूषण: खनन के कारण जल स्रोतों में भारी धातु और जहरीले पदार्थ मिल रहे हैं, जिससे जल प्रदूषण हो रहा है और जलीय जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
भूमि की उर्वरा शक्ति में कमी: अवैध खनन से भूमि का कटाव और क्षरण होता है, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम हो रही है और कृषि योग्य भूमि घट रही है।
कार्रवाई की आवश्यकता:
संदीप कुमार मंडल ने कहा कि सरकार को इस समस्या पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। उन्होंने स्थानीय समुदाय से भी अपील की है कि वे इस अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाएं और प्रशासन का सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि राज्य के महामहिम राज्यपाल की ओर से इस मामले में कार्रवाई का इंतजार है।
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