
मधुबनी, बिहार: मधुबनी जिले के फुलपरास थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ नौंवी कक्षा की एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित तौर पर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया है। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर मामले को ग्राम कचहरी द्वारा डेढ़ लाख रुपये में रफा-दफा करने और पीड़ित परिवार पर पुलिस केस दर्ज न करने का दबाव बनाने का आरोप लगा है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना फुलपरास थाना क्षेत्र के एक गाँव में हुई, जहाँ कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने एक नाबालिग लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाया। पीड़िता और उसके परिवार का आरोप है कि घटना के बाद जब वे न्याय के लिए ग्राम कचहरी पहुँचे, तो उन्हें न्याय दिलाने के बजाय, मामले को आपसी समझौते के तहत निपटाने का प्रस्ताव दिया गया।

आरोप है कि ग्राम कचहरी ने डेढ़ लाख रुपये की राशि लेकर इस जघन्य अपराध को दबाने की कोशिश की और पीड़ित परिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से रोका।
यह घटना कानून के शासन और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है। एक नाबालिग के साथ हुए ऐसे वीभत्स अपराध को पैसों के बदले दबाने का प्रयास न केवल नैतिकता का हनन है, बल्कि यह कानूनी अपराध भी है। भारतीय दंड संहिता के तहत, नाबालिग से बलात्कार एक गंभीर अपराध है और इसमें संलिप्त सभी व्यक्तियों को कड़ी सजा का प्रावधान है।
इस मामले में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। यह देखना होगा कि पुलिस इस घटना की गहनता से जाँच करती है या नहीं और ग्राम कचहरी के उन सदस्यों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है, जिन्होंने कथित तौर पर न्याय की राह में बाधा डाली। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और अपराधियों को दंडित करना अत्यंत आवश्यक है ताकि समाज में ऐसे घिनौने कृत्यों को बढ़ावा न मिले और कानून का राज स्थापित हो सके।
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