
रिपोर्ट :बिनोद कुमार (हज़ारीबाग़ दारु )

हजारीबाग के तत्कालीन एसडीओ अशोक कुमार को रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है। हजारीबाग सदर एसडीओ को गिरफ्तार कर उनको हजारीबाग लाया गया। कोर्ट में पेशी से पहले उन्हें शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। जांच के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।

पेशी के बाद सदर एसडीओ अशोक कुमार ने अपने सफाई दिए और बतलाए कि सभी आरोप निराधार है। और साथ ही साथ उन्होंने बतलाया कि सिक्का के दो पहलू होते हैं।पहले पहलू पर दुष्प्रचार बहुत ज्यादा हो गया। दूसरा पहलू पर दिवंगत आत्मा के शांति के लिए मैं कुछ नहीं बोलना चाहूंगा।
सदर एसडीओ अशोक कुमार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि हजारीबाग सदर एसडीपीओ अमित आनंद ने की है. लोहसिंधना थाना प्रभारी संदीप कुमार और उनके टीम ने गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. रविवार को शाम के 7:10 में उनकी गिरफ्तारी होने की पुष्टि की गई है. बताया जाता है की गिरफ्तारी करने के दौरान हजारीबाग पुलिस को भारी दबाव का भी सामना करना पड़ा. तमाम दबाव और विरोध के बाद हजारीबाग पुलिस ने तत्कालीन एसडीओ अशोक कुमार को अपने हिरासत में ले लिया है. वहीं उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हजारीबाग लाया गया। 31 जनवरी को हजारीबाग व्यवहार न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. इसके बाद से ही यह कयास लगाया जा रहा था कि कभी भी उनकी गिरफ्तारी हो सकती है.
इस मामले में हजारीबाग पुलिस ने कोर्ट में पुलिस डायरी भी जमा कर चुकी। 26 दिसंबर को झील रोड स्थित एसडीओ आवास में सुबह करीब 6:30 से 7:00 बजे एसडीएम की पत्नी अनीता देवी गंभीर रूप से झुलस गई थीं. हजारीबाग सदर एसडीओ अशोक कुमार के विरुद्ध पत्नी को जलाकर मारने के आरोप में लोहसिंधना थाना में मामला दर्ज कर लिया गया था. मामले के सूचक एसडीओ के साला राजू कुमार गुप्ता बने थे. उसने एसडीओ अशोक कुमार समेत चार लोगों को आरोपी बनाया था. जिसमें एसडीओ के पिता दुर्योधन साव छोटा भाई शिवनंदन कुमार एवं छोटे भाई की पत्नी रिंकू देवी का नाम शामिल है. आग से बुरी तरह झुलसने के बाद, उन्हें प्राथमिक चिकित्सा दी गई, और फिर बीजीएच बोकारो तथा रांची में इलाज के लिए भेजा गया.
28 दिसंबर की सुबह अनीता देवी का निधन हो गया था. निधन के बाद मृतिका अनीता देवी के भाई राजू कुमार गुप्ता सहित अन्य परिजन, समाजसेवी एवं राजनीतिक दल के लोगों ने लोहसिंघना थाना का घेराव भी किया था. यही नहीं तत्कालीन एसडीओ अशोक कुमार की गिरफ्तारी नहीं होने पर समरणालय परिसर के सामने एकदिवसीय महाधरना दिया गया था.दरअसल यह बातें भी सामने आई है कि अशोक कुमार का किसी दूसरी महिला से अवैध संबंध था. इसी बात को लेकर दोनो के बीच विवाद होता रहता था. एक बार इस मामले में हम सब परिवार एवं अशोक कुमार के परिवार बैठ के बातचीत भी किए थे जिसमें अशोक कुमार ने बोला था कि अगले बार से शिकायत का मौका नहीं मिलेगा. इसके बाद भी दोनों के बाद बीच विवाद हुआ और फिर यह घटना घटी है.लोहसिंधना थाना प्रभारी संदीप कुमार ने सदर एसडीओ को गिरफ्तार कर यह साबित कर दिया कि कानून सबके लिए एक समान है।
कानून से ऊपर कोई भी नहीं है चाहे वह कितने बड़े अधिकारी क्यों नहीं हो। सदर एसडीओ अशोक कुमार को गिरफ्तार करके समाज में सकारात्मक ऊर्जा भरने का काम किया है। लोहसिंधना थाना प्रभारी संदीप कुमार ने।
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