

रिपोर्ट,अरुण कुमार सैनी

केंदुआ(धनबाद)क्रिसमस से पूर्व अर्थात आगमन काल का चौथा एवं अंतिम रविवार आज दिनांक 22 दिसंबर 2024 को प्रातः 7:30 बजे संत एंथोनी चर्च धनबाद में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। आज आगमन काल के अंतिम रविवार में हजारों की संख्या में ईसाई धर्मावलंबी उपस्थित हुए। क्रिसमस की धूम ईसाई समुदायों में आगमन काल से ही अर्थात चार रविवार पूर्व से शुरू हो जाती है। आगमन काल के चारों रविवार भिन्न-भिन्न रंगों की मोमबत्तियां का प्रतिनिधित्व करती है। आगमन काल के पहले तथा दूसरे सप्ताह के रविवार में बैंगनी रंग की मोमबत्ती क्रमशः आशा और शांति अर्थात भविष्यवाणी और बेथलहम की मोमबत्ती कही जाती है। इस प्रकार तीसरे तथा चौथे रविवार में क्रमशः गुलाबी एवं बैंगनी रंग की मोमबत्ती अर्थात चरवाहा तथा देवदुत की मोमबत्ती का प्रतीक है। आगमन काल में चर्च के फादर बैगनी रंग का वस्त्र पहनकर यह आह्वान करते हैं कि इस संसार के मुक्तिदाता का जन्म होने वाला है हम सभी आध्यात्मिक रूप से तैयार होकर उनका स्वागत करें जिस तरह प्रभु यीशु के जन्म के पूर्व स्वर्ग से उतरकर दूत सेनाओं ने चरवाहों एवं गडेड़ियों को संदेश सुनाया था कि एक उद्धारकर्ता बालक का जन्म होने वाला है जो चरनी में लेटे हुए है । प्रार्थना सभा में शिलांग डॉन बॉस्को से आए फादर सुनील बारला ने अपने उपदेश में कहा कि ईसाईयों के लिए बड़ा दिन अर्थात क्रिसमस का पर्व सबसे बड़ा त्योहार है। जिसे हम बड़े ही धूम-धाम से मनाते हैं लेकिन आवश्यक है कि इस समय हम इस बात को कतई न भूलें कि हमारे परम पिता परमेश्वर ने हमसे इतना प्यार किया कि अपना इकलौता पुत्र हमें दे दिया।
क्रिसमस के शुभ अवसर पर दिनांक 24 दिसम्बर 2024 को रात्रि 10:30 बजे प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया है। दिनांक 25 दिसम्बर 2024 को प्रातः 7:30 बजे प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया है।
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