
रिपोर्ट सत्येन्द्र यादव
जिशान कुरैशी ने मोहन भागवत के इस बात का समर्थन किया

पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान गुरुवार को भागवत ने कहा कि राम मंदिर बनने के बाद कुछ लोगों को लगता है कि बाकी जगहों पर भी इसी तरह का मुद्दा उठाकर वो ‘हिंदुओं के नेता’ बन जाएंगे। ‘विश्वगुरु भारत’ विषय पर भागत ने कहा, ‘राम मंदिर आस्था का विषय था, और हिंदुओं को लगता था कि इसका निर्माण होना चाहिए… नफरत और दुश्मनी के कारण कुछ नए स्थलों के बारे में मुद्दे उठाना अस्वीकार्य है मोहन भागवत ने कहा कि भारत को सभी धर्मों और विचारधाराओं के सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘उग्रवाद, आक्रामकता, बल प्रयोग और दूसरों के देवताओं का अपमान करना हमारी संस्कृति नहीं है…यहां कोई बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक नहीं है; हम सब एक हैं। इस देश में सभी को अपनी पूजा पद्धति का पालन करना चाहिए, करने देना चाहिए।’ जिशान कुरैशी ने कहा कि मोहन भागवत सच्चे और अच्छे व्यक्ति है सटीक बात बोले देश हित के लिए बोले

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